23वें दिन बदला आंदोलन का स्वरूप, 18 अगस्त तक मांगें नहीं मानीं तो 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास घेरने की चेतावनी
रांची। झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के विरोध में छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। रांची में जारी छात्रों का प्रदर्शन रविवार को 23वें दिन में प्रवेश कर गया। लंबे समय से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे छात्रों ने अब इसके स्वरूप में बदलाव का ऐलान किया है। प्रदर्शनकारी रविवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ पुतला दहन करेंगे।
छात्रों का आरोप है कि उनकी मांगों को लेकर सरकार की ओर से अब तक अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई गई है। प्रदर्शनकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि 18 अगस्त तक सरकार उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार नहीं करती है, तो 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा। छात्रों का दावा है कि इस दौरान प्रदेशभर से बड़ी संख्या में छात्र रांची पहुंचेंगे।
आंदोलन का स्वरूप बदलने का ऐलान
प्रदर्शनकारी छात्र रविंद्र कुमार पासवान ने कहा कि पिछले 22 दिनों से छात्र गांधीवादी तरीके से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया। उनके मुताबिक अब छात्रों ने आंदोलन का स्वरूप बदलने का निर्णय लिया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की उदासीनता के कारण छात्रों में आक्रोश बढ़ रहा है। उनका कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बावजूद यदि सरकार उनकी बात नहीं सुनती है तो छात्र आंदोलन को और व्यापक करने के लिए मजबूर होंगे।रविंद्र कुमार पासवान ने कहा कि छात्र अब आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार हैं और जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।
राहुल गांधी पर भी छात्रों का निशाना
आंदोलनकारी छात्रों ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर भी निशाना साधा है। छात्रों का कहना है कि राहुल गांधी सार्वजनिक तौर पर छात्रों के साथ खड़े होने की बात कहते हैं, लेकिन झारखंड में कांग्रेस सत्तारूढ़ गठबंधन का हिस्सा होने के बावजूद उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी कदम नहीं उठा रही है।
छात्रों का आरोप है कि राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से छात्रों के मुद्दों का समर्थन किया था, लेकिन यह समर्थन अभी तक केवल आश्वासन तक सीमित रहा है।प्रदर्शनकारी ने सवाल उठाया कि यदि राहुल गांधी वास्तव में छात्रों के साथ हैं तो फिर उनकी पार्टी के मंत्री छात्रों के मुद्दे पर अलग-अलग बयान क्यों दे रहे हैं। छात्रों ने कांग्रेस नेतृत्व से अपने मंत्रियों की जवाबदेही तय करने की मांग भी की है।
‘JMM जितनी जिम्मेदार, कांग्रेस भी उतनी’
छात्रों ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और कांग्रेस दोनों को आंदोलन के लिए जिम्मेदार ठहराया है। रविंद्र कुमार पासवान ने कहा कि झारखंड में “जितनी जिम्मेदार JMM है, उतनी ही कांग्रेस भी है।”उनका आरोप है कि दोनों दल सत्ता में भागीदार हैं और इसलिए छात्रों की समस्याओं की जिम्मेदारी से बच नहीं सकते। उन्होंने कहा कि आंदोलन कर रहे छात्र अब दोनों दलों की भूमिका को समझ चुके हैं।
20 अगस्त को बड़े प्रदर्शन की तैयारी
छात्रों ने सरकार को 18 अगस्त तक का समय दिया है। यदि इस अवधि में उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता है तो 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने की चेतावनी दी गई है।छात्रों का कहना है कि इस प्रदर्शन में झारखंड के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में युवा शामिल होंगे। इससे आने वाले दिनों में छात्रों और सरकार के बीच टकराव की स्थिति और बढ़ सकती है।
फिलहाल छात्रों के आंदोलन का 23वें दिन पहुंचना और आंदोलन को उग्र रूप देने का ऐलान सरकार के लिए चुनौती बन गया है। अब नजर इस बात पर है कि 18 अगस्त से पहले सरकार छात्रों की मांगों पर क्या कदम उठाती है और 20 अगस्त के प्रस्तावित मुख्यमंत्री आवास घेराव को लेकर प्रशासन क्या तैयारी करता है।
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