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Revati Sule Reception: एक फ्रेम में मोदी, पवार और शाह, महाराष्ट्र की सियासत में फिर बढ़ी हलचल

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मुंबई। एनसीपी (एसपी) सांसद सुप्रिया सुले की बेटी रेवती सुले के शादी रिसेप्शन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह एक साथ नजर आए। सोमवार को सामने आई इस तस्वीर ने राजनीतिक हलकों में खासा ध्यान खींचा। इसकी वजह यह है कि शरद पवार की पार्टी एनसीपी (एसपी) विपक्षी इंडिया गठबंधन का हिस्सा है, जबकि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र में बीजेपी की सरकार है।

महाराष्ट्र की राजनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा

ऐसे में तीनों नेताओं की एक साथ मौजूदगी को महाराष्ट्र की राजनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है।हालांकि, सिर्फ पारिवारिक समारोह की तस्वीर को किसी नए राजनीतिक गठजोड़ का संकेत मानना जल्दबाजी होगी। एनसीपी (एसपी) पहले भी स्पष्ट करती रही है कि प्रधानमंत्री से पार्टी नेताओं की मुलाकातों का मकसद महाराष्ट्र और अपने लोकसभा क्षेत्रों से जुड़े जनहित के मुद्दों को केंद्र के सामने रखना है।

एक ही दिन पीएम मोदी से मिले NCP (SP) के आठ सांसद

रेवती सुले के रिसेप्शन से पहले सोमवार को ही शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी (एसपी) के सभी आठ लोकसभा सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सुप्रिया सुले ने किया। सांसदों ने महाराष्ट्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे प्रधानमंत्री के सामने रखे।

सांसदों ने प्रधानमंत्री को लिखित ज्ञापन भी सौंपा

बैठक में सूखा, सिंचाई, नदियों को जोड़ने, रेलवे, किसानों की कर्जमाफी और सांसदों के अपने-अपने लोकसभा क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। सांसदों ने प्रधानमंत्री को लिखित ज्ञापन भी सौंपा।एनसीपी (एसपी) सांसद अमोल कोल्हे के मुताबिक, पुणे-नासिक सेमी हाईस्पीड रेल परियोजना और किसानों की कर्जमाफी का मुद्दा भी प्रधानमंत्री के सामने रखा गया। उन्होंने कहा कि बैठक में संसद की कार्यवाही को लेकर चर्चा नहीं हुई, बल्कि सांसदों ने अपने क्षेत्रों और महाराष्ट्र से जुड़े मुद्दे सीधे प्रधानमंत्री तक पहुंचाए।

प्याज की कीमत से लेकर नदी प्रदूषण तक के मुद्दे उठे

बैठक में महाराष्ट्र के किसानों और आम लोगों से जुड़े कई दूसरे मुद्दे भी उठाए गए। इनमें प्याज की कीमत, चंद्रभागा नदी में प्रदूषण और राज्य में विकास से जुड़े विषय शामिल थे।एनसीपी (एसपी) सांसदों ने महात्मा ज्योतिराव फुले, सावित्रीबाई फुले, शाहीर अन्नाभाऊ साठे और तुकडोजी महाराज को भारत रत्न देने की मांग भी रखी। इसके अलावा नवी मुंबई एयरपोर्ट का नाम महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री डीवाई पाटिल के नाम पर रखने का अनुरोध किया गया। सांसदों ने प्रधानमंत्री के साथ बैठक को सकारात्मक बताया और कहा कि उन्हें उठाए गए मुद्दों पर विचार करने का भरोसा मिला है।

परिसीमन को लेकर भी राजनीतिक नजर

पीएम मोदी के साथ एनसीपी (एसपी) सांसदों की मुलाकात ऐसे समय हुई है जब प्रस्तावित परिसीमन को लेकर राजनीतिक दलों के बीच चर्चा तेज है। एनसीपी (एसपी) के रुख पर भी नजर बनी हुई है।हालांकि सुप्रिया सुले ने कहा है कि किसी भी प्रस्ताव पर पार्टी अपना अंतिम रुख कानून या विधेयक सामने आने के बाद तय करेगी। पार्टी का कहना है कि परिसीमन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर इंडिया गठबंधन के भीतर भी चर्चा की जाएगी।सोमवार की बैठक को लेकर सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक, सांसदों ने अपने महाराष्ट्र-केंद्रित मुद्दों पर प्रधानमंत्री से बातचीत की। परिसीमन और विवादित एफसीआरए संशोधन विधेयक को बैठक का मुख्य विषय नहीं बताया गया है।

मोदी और पवार की मुलाकात पहले भी हो चुकी है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शरद पवार की यह पहली मुलाकात नहीं है। इससे पहले जुलाई में शरद पवार और सुप्रिया सुले ने दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की थी। उस बैठक में छात्रों, परीक्षाओं, किसानों, पानी के प्रबंधन और शिक्षा सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई थी।इन मुलाकातों के बाद भी एनसीपी (एसपी) की ओर से यह स्पष्ट किया जाता रहा है कि प्रधानमंत्री के साथ बातचीत का मकसद राजनीतिक गठबंधन में बदलाव नहीं, बल्कि महाराष्ट्र और जनहित से जुड़े मुद्दों को केंद्र सरकार के सामने रखना है।

तस्वीर ने फिर बढ़ाई राजनीतिक अटकलें

महाराष्ट्र की राजनीति में एनसीपी के दो धड़ों में बंटने के बाद से शरद पवार की राजनीतिक भूमिका पर लगातार नजर रही है। ऐसे में एक ही दिन एनसीपी (एसपी) सांसदों की प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात और फिर शादी रिसेप्शन में मोदी, शरद पवार और अमित शाह का एक साथ नजर आना निश्चित तौर पर राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।

मोदी से मुलाकात ने सियासी गलियारों में नई चर्चाओं को जरूर जन्म दे दिया

हालांकि, इन घटनाओं को सीधे किसी नए राजनीतिक गठजोड़ या एनसीपी (एसपी) के रुख में बदलाव से जोड़ना अभी उचित नहीं होगा। पार्टी फिलहाल इंडिया गठबंधन का हिस्सा है और खुद एनसीपी (एसपी) की ओर से भी ऐसी मुलाकातों को जनहित के मुद्दों से जोड़ा गया है।फिर भी महाराष्ट्र की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों के बीच मोदी-पवार-शाह की एक तस्वीर और उसी दिन एनसीपी (एसपी) सांसदों की पीएम मोदी से मुलाकात ने सियासी गलियारों में नई चर्चाओं को जरूर जन्म दे दिया है।

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