पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप
गाजीपुर। आंचल राजभर की मौत के मामले में रविवार शाम मृतका के परिजनों से मिलने पहुंचे कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर के काफिले के दौरान हंगामा हो गया। पुलिस की कार्रवाई से नाराज कुछ महिलाएं मंत्री से अपनी बात रखने के लिए उनके वाहन के पीछे दौड़ पड़ीं। बाद में महिलाएं बीच सड़क पर पहुंचकर वाहनों को रोकने लगीं और पुलिस के खिलाफ आक्रोश जताया। इस दौरान महिलाओं के पुलिस की गाड़ी के पीछे दौड़ने का वीडियो भी सामने आया है।
मामला करीमुद्दीनपुर थाना क्षेत्र के पहराजपुर गांव का है। रविवार शाम करीब पांच बजे कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर राजभर बस्ती पहुंचे और आंचल के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने परिवार को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाते हुए कहा कि अब मामले की जांच स्थानीय पुलिस के बजाय प्रदेश की क्राइम ब्रांच करेगी। जांच करीब 15 दिन में पूरी कराने का प्रयास किया जाएगा।
महिलाओं ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
मंत्री के वहां से रवाना होने के दौरान कुछ महिलाएं उनकी गाड़ी के सामने आ गईं। महिलाओं ने पुलिस पर मामले में उचित कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया। वीडियो में कुछ महिलाएं पुलिसकर्मियों पर घूस लेने का आरोप लगाती हुई भी सुनाई दे रही हैं। महिलाएं मंत्री से मिलकर अपनी शिकायत रखना चाहती थीं, लेकिन मौके पर भीड़ अधिक होने के कारण उनकी मुलाकात नहीं हो सकी।
स्थानीय लोगों और पुलिसकर्मियों ने महिलाओं को समझाकर वहां से हटाया। वहीं, सुभासपा जिलाध्यक्ष सुरेंद्र राजभर ने कहा कि महिलाएं मंत्री को दौड़ाने के लिए नहीं, बल्कि अपनी बात रखने के लिए उनके वाहन के पीछे गई थीं। उनका दावा है कि महिलाओं का कहना था कि पुलिस ने मामले में सही कार्रवाई नहीं की है।
क्राइम ब्रांच करेगी मामले की जांच
मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने परिजनों और ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि मामले की विवेचना अब क्राइम ब्रांच करेगी। मौके पर मौजूद एसपी ग्रामीण अतुल सोनकर ने भी परिजनों को जांच की प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पूरी विवेचना एसपी गाजीपुर की निगरानी में क्राइम ब्रांच करेगी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट को प्रदेश के मेडिको-लीगल एक्सपर्ट के पास भेजकर मेडिकल राय लेने की बात भी कही गई है। पोस्टमार्टम में सामने आए तथ्यों और घटनाक्रम के संबंध में विशेषज्ञों की राय ली जाएगी। इसके अलावा घटनास्थल पर एफएसएल टीम को बुलाकर क्राइम सीन का रीक्रिएशन कराया जाएगा। अधिकारियों ने परिवार को जांच पूरी पारदर्शिता से कराने और इसकी जानकारी परिजनों को देने का भरोसा दिया है।
5 अगस्त को हुई थी आंचल की मौत
पहराजपुर गांव में 5 अगस्त को घास काटने गई 12 वर्षीय आंचल राजभर की मौत हो गई थी, जबकि उसके साथ मौजूद उसकी बड़ी बहन चांदनी कुमारी घायल हो गई थी। परिजनों ने गांव के चार लोगों और एक अज्ञात महिला पर लाठी-डंडों से मारपीट कर आंचल की हत्या करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने तहरीर के आधार पर चार नामजद और एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।
मृतका के दादा शोभा राजभर ने 6 अगस्त को पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया था कि घास काटने के दौरान स्वामीनाथ यादव, मदन यादव, अनीश यादव और एक अज्ञात महिला वहां पहुंचे थे। आरोप है कि इन लोगों ने आंचल और अन्य लड़कियों के साथ मारपीट की। परिजनों के मुताबिक, आंचल से हंसिया छीन लिया गया और उसके साथ मारपीट की गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई और उसकी मौत हो गई।
बिजली के तार से मौत की आशंका भी
घटना के बाद परिजनों ने आरोप लगाया था कि आंचल को बिजली के तार के पास फेंककर आरोपी फरार हो गए। मृतका के शरीर के दाहिने कंधे और पीठ पर लंबाई में झुलसने के निशान मिले थे। घटनास्थल पर बिजली का एलटी तार भी जमीन पर गिरा हुआ पाया गया था। ऐसे में किशोरी की मौत करंट लगने से होने की आशंका भी सामने आई थी। अब क्राइम ब्रांच की जांच और विशेषज्ञों की मेडिकल राय से मौत की वजह स्पष्ट होने की उम्मीद है।
शव रखकर लगाया था जाम
घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने 6 अगस्त की रात करीब आठ बजे लट्ठूडीह-रसड़ा मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया था। सूचना पर करीमुद्दीनपुर पुलिस मौके पर पहुंची तो ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया। इस दौरान कुछ लोगों ने पुलिस की सरकारी गाड़ी के शीशे पर पत्थर फेंके, जिससे तनाव की स्थिति बन गई। समझाने-बुझाने के बाद रात करीब 11 बजे पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा था।फिलहाल मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपे जाने के बाद पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, विशेषज्ञों की राय और घटनास्थल के साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यह भी पढ़े : यूपी में 13 आईएएस अधिकारियों के तबादले, इंद्र विक्रम सिंह बने गोरखपुर के नए मंडलायुक्त
यह भी पढ़े : राज्यसभा से एमएसएमई संशोधन विधेयक 2026 पास, भुगतान व्यवस्था होगी मजबूत
यह भी पढ़े : बांकीपुर में प्रशांत किशोर की ऐतिहासिक जीत, भाजपा 19,324 वोटों से हारी
यह भी पढ़े : अधिवक्ताओं के लिए CM योगी का बड़ा ऐलान, कैशलेस इलाज की सुविधा जल्द होगी लागू









