एटा। उत्तर प्रदेश के एटा जिले में गुरुवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे ने पांच परिवारों की खुशियां छीन लीं। फर्रुखाबाद से एटा जा रही उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की एक बस तकनीकी खराबी के कारण रास्ते में रुक गई थी। बस को दोबारा चालू करने की कोशिश के दौरान पीछे से तेज रफ्तार कंटेनर ने उसमें जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
जानकारी के मुताबिक, हादसा थाना बागवाला क्षेत्र के गांव कीलरमऊ के पास रात करीब 11 बजे हुआ। बस में अचानक खराबी आने के बाद चालक ने उसे सड़क किनारे खड़ा कर दिया। काफी देर तक बस स्टार्ट नहीं हुई तो उसमें सवार करीब दस यात्री नीचे उतरकर बस को धक्का लगाने लगे। कुछ अन्य यात्री बस के सामने और आसपास खड़े थे।
इसी दौरान पीछे से तेज गति से आ रहे एक कंटेनर चालक ने वाहन पर नियंत्रण खो दिया और सीधे खड़ी बस में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस के पीछे धक्का लगा रहे लोग बस और कंटेनर के बीच फंस गए। वहीं आगे खड़े कुछ यात्री भी इसकी चपेट में आ गए। दुर्घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और राहगीरों के साथ स्थानीय ग्रामीण राहत कार्य में जुट गए।
सूचना मिलते ही बागवाला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल एटा मेडिकल कॉलेज भिजवाया। अस्पताल में चिकित्सकों ने राजेश (34) निवासी दौलतपुर थाना नवाबगंज, सुखराम निवासी पिलखना, शैलेश कुमार निवासी उम्मरपुर थाना नवाबगंज (तीनों फर्रुखाबाद) और सत्येंद्र निवासी भरी थाना स्याना, जनपद बुलंदशहर को मृत घोषित कर दिया। एक अन्य मृतक की पहचान समाचार लिखे जाने तक नहीं हो सकी थी।
इस दुर्घटना में रवि, विक्रांत, आनंद सिंह, दक्ष समेत कई अन्य यात्री घायल हुए हैं। सभी का मेडिकल कॉलेज में उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार कुछ घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है।पुलिस ने सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। हादसे के बाद कंटेनर चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। उसकी तलाश के लिए पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषी चालक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यदि खराब बस के पास पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम या चेतावनी संकेत लगाए गए होते तो शायद इस भीषण हादसे को टाला जा सकता था। हालांकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।
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