लखनऊ । राजधानी स्थित पुलिस मुख्यालय में सेवानिवृत्ति के अवसर पर आयोजित एक गरिमामय एवं भावुक विदाई समारोह में राजीव कृष्ण ने वरिष्ठ अधिकारियों नीरा रावत (पुलिस महानिदेशक, आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन/यूपी-112) और राम बदन सिंह (पुलिस उप महानिरीक्षक/अपर पुलिस आयुक्त, आगरा) को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
अधिकारियों के लंबे, अनुकरणीय और उत्कृष्ट सेवाकाल को याद किया
समारोह में मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों ने दोनों अधिकारियों के लंबे, अनुकरणीय और उत्कृष्ट सेवाकाल को याद करते हुए उनके साथ बिताए गए अनुभव साझा किए। अधिकारियों ने विशेष रूप से नीरा रावत के संतुलित नेतृत्व, सौम्य व्यक्तित्व, स्पष्ट कार्यशैली और जटिल संगठनों को प्रभावी ढंग से संचालित करने की क्षमता की सराहना की। वहीं राम बदन सिंह की कर्तव्यनिष्ठा, पेशेवर ईमानदारी और जनसंवेदनशील कार्यशैली को उनके करियर की पहचान बताया गया।
33 वर्षों से अधिक के सेवाकाल को याद किया
अपने संबोधन में नीरा रावत भावुक नजर आईं। उन्होंने अपने 33 वर्षों से अधिक के सेवाकाल को याद करते हुए कहा कि यह पल उनके लिए गर्व और भावनाओं का संगम है। उन्होंने भारतीय पुलिस सेवा में आने के अवसर को जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव बताया और अपने माता-पिता, परिवार, वरिष्ठ अधिकारियों और सहकर्मियों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
उन्होंने स्वीकार किया कि पुलिस सेवा में व्यक्तिगत और पारिवारिक जीवन के बीच संतुलन बनाना चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन इस अनुभव ने उन्हें एक मजबूत और बेहतर इंसान बनाया।वहीं राम बदन सिंह ने अपने 31 वर्षों के सेवाकाल को संतोषजनक बताते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा ईमानदारी, अनुशासन और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी। उन्होंने बताया कि 1991 बैच पीपीएस से शुरू हुई उनकी यात्रा भारतीय पुलिस सेवा तक पहुंची, जो उनके लिए गर्व का विषय है। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों, सहकर्मियों और अधीनस्थों के सहयोग को अपनी सफलता का आधार बताया।
पेशेवर उत्कृष्टता और जनसेवा का बेहतरीन उदाहरण पेश किया
इस अवसर पर DGP राजीव कृष्ण ने दोनों अधिकारियों के साथ अपने लंबे कार्य अनुभव साझा करते हुए कहा कि नीरा रावत ने यूपी-112 और आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन जैसे महत्वपूर्ण विभागों को नई दिशा दी, जबकि राम बदन सिंह ने अपने पूरे करियर में पेशेवर उत्कृष्टता और जनसेवा का बेहतरीन उदाहरण पेश किया। उन्होंने कहा कि ऐसे अधिकारी पुलिस संगठन की कार्यसंस्कृति को मजबूत करते हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनते हैं।कार्यक्रम के अंत में दोनों अधिकारियों के योगदान के लिए आभार व्यक्त किया गया और उनके स्वस्थ, सुखद एवं सफल भविष्य की कामना की गई।
