मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश के धार जिले से एक ऐसी दर्दनाक खबर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है। मजदूरों से भरी एक पिकअप गाड़ी की रफ्तार और एक पल की चूक ने 16 जिंदगियों को हमेशा के लिए खत्म कर दिया। इन मृतकों में 6 मासूम बच्चे भी शामिल हैं, जिनकी चीखें और अधूरे सपने अब सिर्फ याद बनकर रह गए हैं।

इंदौर-अहमदाबाद नेशनल हाईवे पर चिकलिया फाटा के पास हुआ हादसा

यह भयावह हादसा बुधवार रात करीब साढ़े 8 बजे इंदौर-अहमदाबाद नेशनल हाईवे पर चिकलिया फाटा के पास हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पिकअप वाहन तेज रफ्तार में दौड़ रहा था, तभी अचानक उसका टायर फट गया। इसके बाद वाहन बेकाबू होकर डिवाइडर पार करते हुए दूसरी लेन में जा पहुंचा और सामने से आ रही स्कॉर्पियो से टकरा गया।

टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पिकअप तीन-चार बार पलटी खाती हुई सड़क पर बिखर गई।हादसे के बाद मौके पर जो मंजर था, वह किसी को भी झकझोर देने वाला था। चारों तरफ चीख-पुकार, घायल लोगों की कराह और अपनों को खोजते परिजनों की बेबसी… हर तरफ मातम पसरा हुआ था। स्थानीय लोग और राहगीर तुरंत मदद के लिए दौड़े और गाड़ी में फंसे लोगों को बाहर निकाला।

कई जिंदगियां इलाज के दौरान ही दम तोड़ गईं

कई मजदूर सड़क पर गंभीर हालत में पड़े थे, जिन्हें एंबुलेंस के जरिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया।जिला अस्पताल में एक साथ इतने घायलों के पहुंचने से अफरा-तफरी मच गई। डॉक्टरों की टीम लगातार घायलों को बचाने में जुटी रही, लेकिन कई जिंदगियां इलाज के दौरान ही दम तोड़ गईं। कुछ घायलों की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए इंदौर रेफर किया गया है।

प्रशासन के अनुसार, पिकअप में करीब 46 लोग सवार थे, जो मजदूरी के काम से आ-जा रहे थे। एक पल की लापरवाही और तेज रफ्तार ने कई परिवारों को उजाड़ दिया। किसी ने अपना बेटा खोया, तो किसी की गोद सूनी हो गई।घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंच गईं और राहत-बचाव कार्य तेज कर दिया गया। अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना और इलाज की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

पीएम और सीएम ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई

इस दर्दनाक हादसे पर नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई है। उन्होंने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिवारों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की है।वहीं डॉ. मोहन यादव ने भी घटना को हृदय विदारक बताते हुए मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये, गंभीर घायलों को 1-1 लाख रुपये और अन्य घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि देने का ऐलान किया है। साथ ही घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश भी दिए गए हैं।

सवाल खड़े करता हादसा

यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार और सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। आखिर कब तक लापरवाही की कीमत मासूम जिंदगियों को चुकानी पड़ेगी?धार का यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि कई परिवारों की दुनिया उजड़ने की दर्दनाक कहानी है। जो लोग सुबह घर से निकले थे, उन्हें क्या पता था कि वे कभी वापस नहीं लौट पाएंगे। अब पीछे रह गई हैं सिर्फ यादें, आंसू और एक ऐसा दर्द, जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है।

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