वाराणसी । उत्तर प्रदेश के वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने दो दिवसीय दौरे के अंतिम दिन बाबा काशी विश्वनाथ मंदिर में विधि-विधान से दर्शन-पूजन कर काशी की आध्यात्मिक परंपरा को नमन किया। वैदिक मंत्रोच्चार और शंखध्वनि के बीच स्वर्णमंडित गर्भगृह में ज्योतिर्लिंग का षोडशोपचार पूजन संपन्न हुआ, जिसमें प्रधानमंत्री ने भी श्रद्धाभाव से मंत्रोच्चार करते हुए देश की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की।
14 किलोमीटर लंबा रास्ता जनसैलाब में तब्दील हो गया
प्रधानमंत्री के मंदिर पहुंचने से पहले बरेका गेस्ट हाउस से लेकर काशी विश्वनाथ धाम तक का करीब 14 किलोमीटर लंबा रास्ता जनसैलाब में तब्दील हो गया। जगह-जगह भाजपा कार्यकर्ताओं और काशीवासियों ने ढोल-नगाड़ों, डमरू और शंखनाद के साथ उनका भव्य स्वागत किया। पूरे मार्ग में ‘हर-हर महादेव’ और ‘जय श्रीराम’ के उद्घोष गूंजते रहे, वहीं पुष्पवर्षा कर लोगों ने अपने प्रिय नेता का अभिनंदन किया।मंदिर परिसर में प्रवेश के दौरान 51 ब्राह्मणों की शंखध्वनि और बटुकों के निनाद के बीच प्रधानमंत्री का पारंपरिक स्वागत किया गया। दर्शन-पूजन के बाद पीएम मोदी ने वहां मौजूद श्रद्धालुओं का अभिवादन किया और बच्चों के बीच जाकर उनसे आत्मीय बातचीत की।
स्थानीय नेताओं ने प्रधानमंत्री को त्रिशूल और डमरू भेंट किया
बच्चों पर स्नेह लुटाते हुए उनका सिर सहलाया, जिसे देख माहौल भावुक और उत्साहपूर्ण हो गया।दर्शन के उपरांत मंदिर न्यास और स्थानीय नेताओं ने प्रधानमंत्री को त्रिशूल और डमरू भेंट किया। पीएम मोदी ने भी इन्हें उठाकर श्रद्धालुओं का अभिवादन किया। इसके बाद वे बाबतपुर एयरपोर्ट के लिए रवाना हुए, जहां से उनका अगला कार्यक्रम हरदोई में निर्धारित है।पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे और काशी एक बार फिर आस्था, उत्साह और जनसमर्थन के रंग में सराबोर नजर आई।
