बरेली। यूपी के बरेली शहर में दो बहनों द्वारा चलाए जा रहे एक संगठित ठगी रैकेट का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। आरोप है कि दोनों बहनें खुद को कभी IAS अफसर, कभी प्रशिक्षु अधिकारी, तो कभी ADM और SDM बताकर बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी का झांसा देती थीं और उनसे मोटी रकम वसूलती थीं।
एक साथी के साथ मिलकर यह फर्जीवाड़ा चला रही थीं
पुलिस के अनुसार, विप्रा मिश्रा और उसकी बहन शिखा पाठक अपने एक साथी के साथ मिलकर यह फर्जीवाड़ा चला रही थीं। शिकायत मिलने पर बारादरी थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों को हिरासत में ले लिया है।फाइक एन्क्लेव निवासी प्रीति लॉयल समेत चार लोगों ने संयुक्त रूप से रिपोर्ट दर्ज कराई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि इन लोगों ने नौकरी दिलाने के नाम पर करीब साढ़े 11 लाख रुपये की ठगी की है।
उनके नेटवर्क की जांच की जा रही
थाना प्रभारी विजेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनके नेटवर्क की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि इनके साथ और लोग भी इस रैकेट में शामिल हो सकते हैं। पुलिस ने संकेत दिए हैं कि जैसे-जैसे नए पीड़ित सामने आएंगे, मामला और विस्तृत होगा।आरोपियों को अाज को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
