नोएडा। नोएडा में मंगलवार को अलग-अलग क्षेत्रों से आत्महत्या की छह घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें एक लैब टेक्नीशियन (प्रशिक्षु) भी शामिल है। सभी मामलों में प्रारंभिक जांच में मानसिक तनाव को कारण माना जा रहा है। पुलिस ने सभी शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
खुद को “लायक बेटा न बन पाने” की बात लिखते हुए मांगी माफी
पुलिस आयुक्त के मीडिया प्रभारी के अनुसार, थाना सेक्टर-20 क्षेत्र के सेक्टर-30 स्थित चाइल्ड पीजीआई अस्पताल परिसर में रहने वाले 19 वर्षीय अवधेश कुमार ने अपने कमरे में पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। वह मूल रूप से श्रावस्ती के रहने वाले थे और लैब टेक्नीशियन के रूप में प्रशिक्षण ले रहे थे। मौके से चार पेज का सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें उन्होंने खुद को “लायक बेटा न बन पाने” की बात लिखते हुए परिवार से माफी मांगी है।
रामलाल ने अपने घर में फंदा लगाकर जान दे दी
इसी तरह थाना दनकौर क्षेत्र में 33 वर्षीय रामलाल ने अपने घर में फंदा लगाकर जान दे दी। वहीं थाना सेक्टर-113 में 28 वर्षीय दीपक ने भी मानसिक तनाव के चलते आत्महत्या कर ली।थाना बिसरख क्षेत्र में साहबेरी गांव की रहने वाली 23 वर्षीय सुनीता ने भी फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। वह मूल रूप से संभल की रहने वाली थीं और उनकी शादी करीब ढाई वर्ष पहले हुई थी। इसी क्षेत्र में सृष्टि मुखर्जी नाम की युवती ने भी आत्मघाती कदम उठाया।एक अन्य मामले में थाना सेक्टर-24 क्षेत्र के 28 वर्षीय नीरज कुमार शर्मा ने भी पंखे से फंदा लगाकर अपनी जान दे दी।
पुलिस क्या कह रही है?
पुलिस का कहना है कि सभी मामलों में शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। परिजनों को सूचना दे दी गई है और यदि किसी प्रकार की शिकायत मिलती है तो आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
अहम सवाल
एक ही दिन में छह आत्महत्याओं की घटनाओं ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं—क्या शहरी जीवन में बढ़ता मानसिक दबाव लोगों को इस हद तक धकेल रहा है?अगर आप या आपका कोई परिचित मानसिक तनाव से गुजर रहा है, तो तुरंत मदद लेना बेहद जरूरी है। परिवार, मित्रों या किसी विशेषज्ञ से बात करना जीवन बचा सकता है।
