फिरोजाबाद। फिरोजाबाद के टूंडला में तैनात रही तहसीलदार राखी शर्मा ने अपने तबादले के बाद जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने एक शीर्ष अधिकारी और अधीनस्थ कर्मचारियों पर गंभीर भ्रष्टाचार और मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं, जिससे प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।

प्रेसवार्ता में लगाए गंभीर आरोप

तहसीलदार राखी शर्मा का हाल ही में टूंडला से शिकोहाबाद तबादला किया गया। आदेश मिलते ही उन्होंने प्रेसवार्ता कर आरोप लगाया कि उनके खिलाफ चल रही विभागीय जांच को खत्म करने के बदले 1.75 लाख रुपये का आईफोन रिश्वत के तौर पर लिया गया।उन्होंने यह भी दावा किया कि जिले में बाबुओं और अधिकारियों की मिलीभगत से करोड़ों रुपये का जमीन घोटाला चल रहा है। इस मामले में उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से निष्पक्ष जांच की मांग की है।

प्रशासन ने बताया निराधार

जिला प्रशासन ने तहसीलदार के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह बयान तबादले से उपजी नाराजगी का परिणाम है। प्रशासन के अनुसार—
राखी शर्मा पर पहले भी कार्य में लापरवाही के आरोप लगे
उन्हें प्रतिकूल प्रविष्टि दी जा चुकी है
उच्च न्यायालय के निर्देशों के बावजूद जवाब नहीं देने पर भी सवाल उठे
प्रशासन का यह भी कहना है कि तहसीलदार अपने खिलाफ चल रही जांच को प्रभावित करने के लिए अधिकारियों पर मनगढ़ंत आरोप लगा रही हैं।

कर्मचारी संघ भी मैदान में

मामले ने तूल पकड़ा तो उत्तर प्रदेश मिनिस्ट्रियल कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ भी तहसीलदार के खिलाफ खड़ा हो गया।
संघ के पदाधिकारियों ने आरोपों को झूठा बताते हुए मंडलायुक्त से तहसीलदार के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है।

ब्लैकमेलिंग का केस दर्ज

इसी बीच तहसीलदार ने टूंडला निवासी रंजीत गुप्ता के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराई है। आरोप है कि वह अवैध काम के लिए दबाव बना रहा था और असफल होने पर सोशल मीडिया पर छवि खराब करने की कोशिश कर रहा था।

सोशल मीडिया पर मचा बवाल

इस पूरे घटनाक्रम के बाद मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। एक ओर तहसीलदार के गंभीर आरोप हैं, तो दूसरी तरफ प्रशासन और कर्मचारी संघ का पलटवार—जिससे यह मामला अब हाई-प्रोफाइल विवाद बन गया है।

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