कानपुर। यूपी के कानपुर के पनकी थाना क्षेत्र स्थित रतनपुर शिवालिक भवन में 16 वर्षीय छात्रा वैशाली सिंह ने हाईस्कूल के परिणाम से आहत होकर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से पूरे इलाके में शोक की लहर है।
उसने सीबीएसई बोर्ड से 10वीं की परीक्षा दी थी
बताया जा रहा है कि वैशाली केंद्रीय विद्यालय अर्मापुर की छात्रा थी और उसने सीबीएसई बोर्ड से 10वीं की परीक्षा दी थी। वह 95 प्रतिशत से अधिक अंक लाना चाहती थी, लेकिन उसे 92 प्रतिशत अंक मिले। बुधवार को परिणाम घोषित होने के बाद से वह लगातार मायूस थी।
वॉयस मैसेज में बयां किया दर्द
आत्महत्या से पहले छात्रा ने अपने कुछ दोस्तों को मोबाइल पर वॉयस रिकॉर्डिंग भेजी थी, जिसमें उसने कहा—”अब मुझसे जिया नहीं जाएगा… मैं एक जिंदा लाश बन गई हूं… मुझे डर लगता है कि मां का मुझ पर खर्च किया गया पैसा कहीं बर्बाद न हो जाए…”इस मैसेज से साफ है कि वह मानसिक तनाव और आत्मग्लानि से जूझ रही थी।
घर में अकेली थी, मां काम पर गई थीं
परिवार के अनुसार, पिता वीरेंद्र सिंह का दो साल पहले निधन हो चुका है। मां काजल एक मॉल में काम करती हैं। गुरुवार को वह ड्यूटी पर गई थीं। दोपहर से बेटी फोन नहीं उठा रही थी, जिस पर उन्होंने बेटे प्रिंस को देखने भेजा।कमरे में पहुंचते ही प्रिंस ने वैशाली को फंदे पर लटका देखा और शोर मचाया, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस जांच जारी
सूचना पर पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। थाना पनकी के इंस्पेक्टर ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला तनाव के चलते आत्महत्या का लग रहा है। छात्रा का मोबाइल कब्जे में लेकर जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम के लिए शव भेजा गया है।
परिवार ने स्कूल पर लगाया दबाव का आरोप
मृतका की मां और भाई ने आरोप लगाया कि स्कूल के कुछ शिक्षक पढ़ाई को लेकर उस पर अत्यधिक दबाव डालते थे।
भाई के मुताबिक, टीचर अक्सर उसकी तुलना उससे करते थे और कहते थे कि “तुम प्रिंस की बहन हो, तुमसे अच्छे नंबर नहीं आएंगे।”
इसी दबाव के चलते वैशाली तनाव में रहने लगी थी और खुद को साबित करने की कोशिश कर रही थी।
अधूरी रह गई मेहनत की खुशी
वैशाली ने मेहनत कर 92 प्रतिशत अंक हासिल किए, लेकिन परिवार इस सफलता की खुशी मना भी नहीं पाया और यह दर्दनाक घटना हो गई।
