लखनऊ । राजधानी के विकासनगर सेक्टर-12 रिंग रोड किनारे बनी अवैध बस्ती में बुधवार शाम भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और करीब 1200 इसकी चपेट में आ गईं।
मस्जिदनुमा झोपड़ी से शुरू हुई आग, फैलते देर नहीं लगी
जानकारी के अनुसार शाम करीब 5 बजे बस्ती में बनी एक मस्जिदनुमा झोपड़ी में अचानक आग लगी। स्थानीय लोगों ने शुरुआत में खुद आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग तेजी से फैलती चली गई।लोगों का आरोप है कि पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना देने में दिक्कत हुई और जब तक दमकल और पुलिस पहुंची, तब तक आग ने भयावह रूप ले लिया था।
100 गैस सिलिंडरों में धमाके, दहशत में लोग
आग के दौरान झोपड़ियों में रखे करीब 100 गैस सिलिंडर एक-एक कर फटने लगे। तेज धमाकों से पूरा इलाका दहल उठा और लोगों में भगदड़ मच गई।लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे, सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आसपास की दुकानों को बंद कर दिया गया और ट्रैफिक पूरी तरह से ठप हो गया।
22 दमकल गाड़ियों ने घंटों की मशक्कत के बाद पाया काबू
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन सक्रिय हुआ। मौके पर 22 दमकल गाड़ियां पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया।दमकलकर्मियों ने घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद रात करीब 10 बजे तक आग पर काफी हद तक काबू पा लिया। आग की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि धुआं और लपटें करीब 5 किलोमीटर दूर तक दिखाई दे रही थीं।
मवेशियों के जलने और बच्चों के लापता होने की आशंका
स्थानीय लोगों का दावा है कि आग में दो गाय और करीब 50 बकरियां जिंदा जल गईं, हालांकि प्रशासन ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।कुछ बच्चों के लापता होने की भी सूचना है, जिसके चलते पुलिस और प्रशासन द्वारा बस्ती में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
प्रशासन पर देरी का आरोप, लोगों में आक्रोश
घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस और दमकल समय पर नहीं पहुंची, जिससे आग ने विकराल रूप ले लिया।नाराज लोगों की पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की भी हुई।
वरिष्ठ अधिकारी मौके पर, राहत कार्य जारी
घटना की गंभीरता को देखते हुए डीजी फायर सुजीत पांडेय, पुलिस कमिश्नर अमरेंद्र कुमार सेंगर, जिलाधिकारी वी. विशाख सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसडीआरएफ और डॉक्टरों की टीम को भी तैनात किया गया।इसके अलावा ब्रजेश पाठक ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। उन्होंने उच्च स्तरीय जांच के आदेश देते हुए पीड़ितों के इलाज, रहने और भोजन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
विकासनगर की इस भीषण आग ने सैकड़ों परिवारों को बेघर
वहीं योगी आदित्यनाथ ने भी अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।विकासनगर की इस भीषण आग ने सैकड़ों परिवारों को बेघर कर दिया। दमकलकर्मियों की कड़ी मेहनत से आग पर काबू तो पा लिया गया, लेकिन पीछे तबाही का मंजर छोड़ गई। फिलहाल राहत कार्य जारी है और प्रशासन नुकसान का आकलन करने में जुटा हुआ है।
