लखनऊ । राजधानी के कृष्णानगर थाना क्षेत्र में टप्पेबाजी की घटनाओं का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। थाना कृष्णानगर पुलिस और सर्विलांस सेल (जोन दक्षिणी) की संयुक्त टीम ने गैर प्रांतीय गैंग के 3 महिला सहित कुल 4 शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।पुलिस ने अभियुक्तों को डूडा कॉलोनी, आशाराम बापू मार्ग, मानसनगर क्षेत्र से गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से टप्पेबाजी में लूटी गई ज्वैलरी—चेन, अंगूठी और पायजेब—बरामद की गई है।

पिछले 6 महीनों में क्षेत्र में टप्पेबाजी की तीन घटनाएं हुई थीं

पुलिस के मुताबिक, पिछले 6 महीनों में क्षेत्र में टप्पेबाजी की तीन घटनाएं हुई थीं। इन मामलों के खुलासे के लिए करीब 600-700 सीसीटीवी फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया गया, जिसके बाद आरोपियों की पहचान सुनिश्चित की गई।पूछताछ में सामने आया कि गिरोह की सरगना शेषकला है, जो अपने परिवार के साथ मिलकर वारदातों को अंजाम देती थी। यह गैंग मूल रूप से नागपुर का रहने वाला है और अलग-अलग शहरों में घूमकर झुग्गी-झोपड़ियों में रहकर अपराध करता था।

टप्पेबाजी का तरीका (मोडस ऑपरेंडी)


गिरोह के सदस्य फेरीवाले या आम यात्रियों के वेश में भीड़भाड़ वाले इलाकों में घूमकर शिकार तलाशते थे। खासतौर पर बुजुर्ग या गहने पहने लोगों को निशाना बनाते थे। ऑटो या ई-रिक्शा में बैठने के बाद ये लोग उल्टी का बहाना, सेफ्टी पिन चुभाने जैसी हरकत कर पीड़ित का ध्यान भटकाते और मौका मिलते ही आभूषण चोरी कर फरार हो जाते थे।गिरफ्तार अभियुक्तों में शेषकला, दयालाल, पूजा और गौरी देवी उर्फ नमजा शामिल हैं।

टप्पेबाजी और चोरी के कुल 8 मुकदमे दर्ज

इनमें से शेषकला के खिलाफ लखनऊ के विभिन्न थानों में टप्पेबाजी और चोरी के कुल 8 मुकदमे दर्ज हैं।इस पूरे ऑपरेशन में महिला उपनिरीक्षक सिद्धी मिश्रा की भूमिका अहम रही, जिन्होंने भेष बदलकर कई दिनों तक संदिग्धों पर निगरानी रखी और सटीक सूचना जुटाकर गिरफ्तारी सुनिश्चित कराई।पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

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