कटनी। कटनी रेलवे स्टेशन पर शनिवार देर रात एक बड़ी कार्रवाई में पटना-पुणे एक्सप्रेस से बड़ी संख्या में बच्चों को संदिग्ध परिस्थितियों में यात्रा करते हुए पकड़ा गया। सूचना मिलने के बाद रेलवे सुरक्षा बल (RPF), जीआरपी और महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त टीम ने ट्रेन को रोककर 165 बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला।
बिहार के अररिया क्षेत्र से महाराष्ट्र के लातूर ले जाए जा रहे थे
जांच के दौरान सामने आया कि ये बच्चे बिहार के अररिया क्षेत्र से महाराष्ट्र के लातूर ले जाए जा रहे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सद्दाम हुसैन और अमानुल्लाह समेत कुल आठ लोगों को हिरासत में लेकर उनके खिलाफ बच्चों की तस्करी से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया।रेस्क्यू किए गए बच्चों को तत्काल संरक्षण में लेकर दो हिस्सों में बांटा गया। इनमें से 84 बच्चों को जबलपुर के बाल गृह भेजा गया, जबकि 81 बच्चों को कटनी में ही सुरक्षित रखा गया है। प्रशासन द्वारा सभी बच्चों के भोजन, स्वास्थ्य जांच और काउंसलिंग की व्यवस्था की गई है।
यात्रा से जुड़े वैध दस्तावेज और उचित टिकट नहीं पाए गए
अधिकारियों के मुताबिक, बच्चों के पास यात्रा से जुड़े वैध दस्तावेज और उचित टिकट नहीं पाए गए, जिससे मामला और अधिक संदिग्ध हो गया। पूछताछ में आरोपियों ने दावा किया कि बच्चों को लातूर के एक मदरसे में पढ़ाई के लिए ले जाया जा रहा था, लेकिन पुलिस इस दावे की सत्यता की जांच कर रही है।बाल संरक्षण अधिकारियों ने आशंका जताई है कि बच्चों को मजदूरी या अन्य गैरकानूनी कार्यों में लगाने के उद्देश्य से ले जाया जा सकता था। फिलहाल सभी पहलुओं पर जांच जारी है और आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है।प्रशासन का कहना है कि इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और यदि तस्करी की पुष्टि होती है तो इसमें शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
