मेरठ। शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट में 44 अवैध व्यावसायिक निर्माणों पर सुप्रीम कोर्ट के सख्त आदेश के बाद आवास विकास परिषद द्वारा सीलिंग की कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है। बुधवार को पूरे क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया, जहां भारी पुलिस बल, पीएसी और दमकल विभाग की गाड़ियां तैनात की गईं हैं।सूत्रों के अनुसार, सीलिंग कार्रवाई किसी भी समय शुरू की जा सकती है। सबसे पहले सुधा अस्पताल में कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू होने की सूचना है।
व्यापारियों का विरोध और हंगामा
कार्रवाई के विरोध में व्यापारियों ने प्रदर्शन किया और पुलिस-प्रशासन के साथ नोकझोंक भी हुई। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि बिना समाधान के सीलिंग कार्रवाई गलत है और उन्होंने 70 करोड़ रुपये पहले ही जमा कराए हैं, जिसकी वापसी की मांग भी उठाई गई है।
बाजार में अफरा-तफरी का माहौल
सीलिंग की आहट मिलते ही सोमवार शाम से ही बाजार में अफरा-तफरी मच गई। कई दुकानदारों ने अपने सामान ट्रकों में भरकर सुरक्षित स्थानों पर भेजना शुरू कर दिया, जबकि कुछ व्यापारियों ने अवैध निर्माण को खुद ही तोड़ना शुरू कर दिया।
अस्पताल और स्कूल भी प्रभावित
सीलिंग के दायरे में 6 अस्पताल और 6 स्कूल भी आ रहे हैं। प्रशासनिक कार्रवाई के डर से कई अस्पतालों से मरीजों को दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट किया गया, जबकि करीब 42 मरीज पहले ही स्थानांतरित किए जा चुके हैं।
कई थानों की पुलिस के साथ पीएसी भी तैनात
कुछ स्कूलों में मंगलवार को बच्चों के पहुंचने पर ताला लटका मिला, वहीं एक स्कूल में आधे दिन की छुट्टी कर दी गई। इस दौरान अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन के बीच भी कहासुनी हुई।स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में बैरिकेडिंग कर आवाजाही नियंत्रित कर दी है। कई थानों की पुलिस के साथ पीएसी की तैनाती की गई है ताकि किसी भी विरोध या कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटा जा सके।
व्यापारिक संगठनों का बंद का ऐलान
सीलिंग के विरोध में संयुक्त व्यापार संघ के दोनों गुटों ने एकजुट होकर आंदोलन का ऐलान किया है। करीब 665 व्यापारिक एसोसिएशनों ने गुरुवार को पूरे मेरठ बंद रखने की घोषणा की है।फिलहाल सेंट्रल मार्केट में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। प्रशासन सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन में कार्रवाई की तैयारी में जुटा है, जबकि व्यापारी विरोध के मूड में हैं।
