लखनऊ । राजधानी में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए प्रदेशभर में सामाजिक न्याय से जुड़े महापुरुषों के स्थलों के विकास और सौंदर्यीकरण की योजना को मंजूरी दे दी है।इस योजना के तहत उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में 10-10 स्थलों को चिन्हित कर उनका विकास किया जाएगा। इसमें डॉ. भीमराव आंबेडकर के साथ-साथ संत रविदास, संत कबीरदास, ज्योतिबा फूले और महर्षि वाल्मीकि जैसे समाज सुधारकों से जुड़े स्थान शामिल होंगे।
403 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित
सरकार ने इस योजना के लिए 403 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। प्रत्येक चयनित स्थल पर अधिकतम 10 लाख रुपये तक खर्च किए जाएंगे। इन स्थलों पर छतरी निर्माण, चहारदीवारी, हरियाली, प्रकाश व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी, ताकि उन्हें सुरक्षित और आकर्षक बनाया जा सके।सरकार का उद्देश्य इन ऐतिहासिक और सामाजिक महत्व के स्थलों को संरक्षित करने के साथ-साथ नई पीढ़ी को सामाजिक न्याय के मूल्यों से जोड़ना है।
कैबिनेट बैठक में अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी मंजूरी
योजना के तहत उन्हीं मूर्तियों और स्थलों को शामिल किया जाएगा, जो 25 दिसंबर 2025 तक स्थापित हो चुके हैं।इसके अलावा कैबिनेट बैठक में अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। जनपद बलिया में एक नए राजकीय मेडिकल कॉलेज की स्थापना को हरी झंडी दी गई है, जिसके निर्माण पर सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। साथ ही, विस्थापित परिवारों के पुनर्वास से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी मिली है।सरकार के इस फैसले को प्रदेश में सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक चेतना को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
