लखनऊ । राजधानी पुलिस की अपराध शाखा और थाना पारा पुलिस की संयुक्त टीम ने एक अंतरराज्यीय नकली सिगरेट तस्करी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से करीब 3940 डिब्बी प्रतिबंधित/नकली सिगरेट (अनुमानित कीमत लगभग 10 लाख रुपये) और घटना में प्रयुक्त चारपहिया वाहन बरामद किया है।
कैसे हुई गिरफ्तारी
यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त अमरेन्द्र कुमार सेंगर के निर्देशन तथा संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) के मार्गदर्शन में की गई। अभियान का उद्देश्य अवैध तंबाकू व नकली सिगरेट के नेटवर्क को जड़ से खत्म करना और युवाओं को नशे से बचाना बताया गया है।4 अप्रैल को मिली गोपनीय सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने जीरो प्वाइंट, थाना पारा क्षेत्र में घेराबंदी कर दो आरोपियों को दबोच लिया। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान शादाब अली और शोएब अली के रूप में हुई है, जो मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के रहने वाले बताए गए हैं।
बरामद सामान
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से—3940 डिब्बी नकली सिगरेट (लगभग ₹10 लाख मूल्य) एक ग्रे रंग की वरना कार (MP07 CH 5106) बरामद की है।पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह गिरोह दिल्ली, मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों से नकली सिगरेट मंगवाकर उत्तर प्रदेश, बिहार और अन्य राज्यों में सप्लाई करता था। आरोपी फोन पर ऑर्डर लेकर तय स्थानों पर माल पहुंचाते थे।ताजा खेप दिल्ली के सदर बाजार से लाकर लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में बेचने की योजना थी, लेकिन पुलिस ने समय रहते इसे पकड़ लिया।
आपराधिक इतिहास
गिरफ्तार अभियुक्त शादाब अली के खिलाफ थाना पारा में पहले भी मामला दर्ज है, जिसमें कॉपीराइट एक्ट, ट्रेडमार्क एक्ट और सिगरेट व अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम के तहत कार्रवाई शामिल है।लखनऊ पुलिस की इस कार्रवाई से नकली सिगरेट तस्करी के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और सप्लाई चैन की गहन जांच कर रही है।
