वॉशिंगटन ।मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने एक तरफ NASA के Artemis II मिशन और उसके अंतरिक्ष यात्रियों को बधाई दी, तो वहीं दूसरी ओर ईरान के खिलाफ चल रही सैन्य कार्रवाई को लेकर कई बड़े दावे भी किए।

क्या बोले ट्रंप?

ट्रंप ने कहा कि पिछले चार हफ्तों में अमेरिकी सेना ने युद्ध के मैदान में अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। उनके मुताबिक, ईरान की सैन्य क्षमता को गहरी चोट पहुंची है और उसकी मिसाइल व ड्रोन लॉन्च करने की ताकत लगभग खत्म हो चुकी है।उन्होंने दावा किया कि ईरान के हथियार बनाने वाले कारखाने, रॉकेट लॉन्चर और अहम सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर तबाह कर दिया गया है। ट्रंप ने इसे हाल के समय की सबसे बड़ी और निर्णायक सैन्य कार्रवाई बताया।

परमाणु कार्यक्रम पर सख्त रुख

राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ कहा कि अमेरिका किसी भी हाल में ईरान को परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं देगा। उन्होंने दावा किया कि ईरान के कई परमाणु ठिकानों को नष्ट कर दिया गया है और उसके परमाणु कार्यक्रम को बड़ा झटका लगा है।

‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ का जिक्र

ट्रंप ने बताया कि अमेरिका ने एक महीने पहले ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ शुरू किया था, जिसका मकसद ईरान की सैन्य और परमाणु ताकत को खत्म करना है। इस अभियान में अमेरिकी सेना ने तेजी और सटीकता के साथ कार्रवाई की, जिससे ईरान को भारी नुकसान हुआ।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर बयान

ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को हॉर्मुज जलडमरूमध्य की जरूरत नहीं है और अब दुनिया के देशों को तय करना होगा कि इस अहम समुद्री रास्ते का संचालन कैसे होगा।गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच यह संघर्ष अब वैश्विक स्तर पर असर डाल रहा है। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि अगर हालात नहीं सुधरे तो यह टकराव और गंभीर रूप ले सकता है, जिसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा पर पड़ सकता है। कुल मिलाकर, ट्रंप का यह संबोधन साफ संकेत देता है कि अमेरिका ईरान के खिलाफ अपने रुख में किसी भी तरह की नरमी के मूड में नहीं है।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *