लखनऊ । यूपी के बरेली में मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) को बड़ी सफलता मिली है। टीम ने छापेमारी कर पिता और उसके दो बेटों को गिरफ्तार करते हुए करीब 3.50 करोड़ रुपये की हेरोइन और स्मैक बरामद की है। इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया है।

बदायूं के बिनावर थानाक्षेत्र के रहने वाले है आरोपी

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बदायूं जिले के बिनावर थाना क्षेत्र के भगवानपुर गांव निवासी परमानंद उर्फ पप्पू और उसके दो बेटे यशवीर व रविंद्र के रूप में हुई है। तीनों को थाना भमोरा क्षेत्र में देवचरा-दातागंज रोड पर तख्तपुर मोड़ के पास से गिरफ्तार किया गया।

बरामदगी में करोड़ों का नशा

एएनटीएफ टीम ने आरोपियों के कब्जे से 1.750 किलोग्राम हेरोइन, करीब 950 ग्राम स्मैक बनाने में प्रयुक्त रंग, तीन मोबाइल फोन और 87,520 रुपये नकद बरामद किए हैं। जब्त मादक पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 3.50 करोड़ रुपये आंकी जा रही है।

दिल्ली तक फैला था नेटवर्क

पूछताछ में मुख्य आरोपी परमानंद ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि उसके पिता के नाम पर पहले अफीम की खेती का लाइसेंस था, वहीं से उसने नशा बनाने की तकनीक सीखी। वर्ष 2012 से वह स्मैक बनाकर बेच रहा था और दिल्ली सहित कई जिलों में इसकी सप्लाई करता था। इस अवैध कारोबार में उसके दोनों बेटे भी सक्रिय रूप से शामिल थे।

पहले भी जा चुका है जेल

पुलिस के मुताबिक परमानंद पहले भी दिल्ली और बरेली में मादक पदार्थों की तस्करी के मामलों में जेल जा चुका है। इसके बावजूद वह लगातार इस अवैध धंधे में लिप्त रहा और अपने बेटों को भी इसमें शामिल कर लिया।

नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस

इस मामले में थाना भमोरा में एनडीपीएस एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब आरोपियों के पूरे नेटवर्क और उनसे जुड़े अन्य तस्करों की जानकारी जुटाने में लगी है।एएनटीएफ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिले में नशे के कारोबार को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं दिया जाएगा और इस तरह की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।

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