लखनऊ । राजधानी के निशातगंज इलाके की गली नंबर-3 में शनिवार की शाम हमेशा की तरह नहीं थी। उस दिन घर के भीतर एक ऐसी खामोशी थी, जो आने वाले बड़े हादसे की ओर इशारा कर रही थी।69 वर्षीय निर्मला देवी, जो सचिवालय से रिटायर्ड थीं, घर में अकेली थीं। पति का निधन दो साल पहले हो चुका था। घर में बेटा, बहू और पोते-पोतियां रहते थे, लेकिन उस समय अधिकतर सदस्य बाहर थे।उन्हें क्या पता था कि जिस घर को उन्होंने सालों की मेहनत से संभाला, उसी घर में उनकी जिंदगी का आखिरी दिन लिखा जा रहा है।
रिश्तों के बीच पनपा एक खतरनाक सच
घर में किराए पर रहने वाला ओला टैक्सी ड्राइवर राजन शर्मा, बहू रंजना के जीवन का हिस्सा बन चुका था। यह रिश्ता धीरे-धीरे छुपकर नहीं, बल्कि पूरे घर के लिए चिंता का कारण बन गया था।परिवार को इस संबंध की भनक लग चुकी थी। खासकर सास निर्मला देवी इसका लगातार विरोध कर रही थीं। वह चाहती थीं कि घर की मर्यादा और परिवार की इज्जत बनी रहे।लेकिन यही विरोध उनकी मौत की वजह बन गया।
उस दिन क्या हुआ था अंदर
शनिवार को जब घर में अधिकांश सदस्य बाहर थे, रंजना और राजन ने कथित तौर पर एक खौफनाक योजना को अंजाम दिया।पुलिस जांच के अनुसार, सबसे पहले घर के अंदर लगे CCTV कैमरे बंद किए गए। इसके बाद निर्मला देवी को अकेला पाकर उनके हाथ-पैर रस्सी से बांधे गए और फिर गला दबाकर उनकी हत्या कर दी गई।कुछ ही मिनटों में एक बुजुर्ग महिला की सांसें हमेशा के लिए थम गईं।
वो पल जब खुला पूरा राज
शाम करीब 4 बजे पोता घर लौटा तो उसने दादी को कमरे में बंधी हालत में देखा। उसकी चीख पूरे घर में गूंज गई।तुरंत परिवार और पुलिस को सूचना दी गई। कुछ ही देर में फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड मौके पर पहुंच गए।और फिर जांच ने वह मोड़ लिया, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी।
डॉग स्क्वायड और CCTV ने खोला राज
डॉग स्क्वायड का कुत्ता घर के बाहर घूमते हुए सीधे राजन शर्मा तक पहुंच गया और वहीं रुक गया। यह पुलिस के लिए पहला बड़ा संकेत था।इधर, CCTV फुटेज खंगालने पर सामने आया कि दोपहर 2 से 4 बजे के बीच कैमरे बंद थे, लेकिन उसके बाद बहू रंजना अपने प्रेमी के साथ घर से बाहर जाती दिखी।यहीं से शक यकीन में बदल गया।
पूछताछ में टूटी साजिश
पुलिस की सख्ती के आगे आखिरकार राजन शर्मा टूट गया। उसने स्वीकार किया कि उसका रंजना के साथ पिछले कई वर्षों से संबंध था।उसने बताया कि सास लगातार विरोध करती थीं और दोनों को मिलने से रोकती थीं। इसी रुकावट को खत्म करने के लिए उन्होंने हत्या की योजना बनाई।
एक घर, जो अब सवालों से घिरा है
जिस घर में कभी हंसी-खुशी रहती थी, वहां अब सिर्फ मातम और सवाल हैं।परिवार के लोग स्तब्ध हैं कि रिश्तों की यह कहानी इतनी खतरनाक मोड़ ले लेगी।पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
अंत में सिर्फ एक सवाल
क्या रिश्तों की टूटती सीमाएं अब इतनी खतरनाक होती जा रही हैं कि वे हत्या तक पहुंच जाएं?लखनऊ का यह मामला सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि एक ऐसे रिश्ते की कहानी है जो भरोसे से शुरू होकर खून पर खत्म हुआ।
