मथुरा । यूपी के मथुरा में ‘फरसा वाले बाबा’ की मौत के बाद हुए बवाल को लेकर प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। आगरा रेंज के डीआईजी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि गौ-रक्षक की मौत सड़क हादसे में हुई है और इसमें किसी भी प्रकार की गो-तस्करी या गोवंश की पुष्टि नहीं हुई है।डीआईजी के अनुसार, घटना के बाद फैली अफवाहों के कारण लोगों में आक्रोश बढ़ा और आगरा-दिल्ली हाईवे पर जाम लगाकर पथराव किया गया।
हिंसा में शामिल कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया गया
फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और हिंसा में शामिल कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उपद्रव करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।वहीं, इस पूरे घटनाक्रम पर योगी आदित्यनाथ ने कड़ा रुख अपनाया है। सीएम के निर्देश के बाद पुलिस पूरी तरह अलर्ट हो गई है और बवाल में शामिल लोगों की पहचान कर गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। हाईवे पर छोड़ी गई बाइकों को भी जब्त कर थानों में खड़ा कराया जा रहा है।प्रशासन के अनुसार, घटना के समय घना कोहरा था। ‘फरसा वाले बाबा’ एक संदिग्ध कंटेनर की जांच कर रहे थे, जिसमें दैनिक उपयोग का सामान जैसे साबुन, फिनाइल और शैम्पू भरा था।
पुलिस की अपील, वे अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें
इसी दौरान पीछे से आ रहे राजस्थान नंबर के तार लदे ट्रक ने टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में ट्रक चालक भी घायल हुआ है और वाहन क्षतिग्रस्त हो गया।घटना के बाद बाबा का पार्थिव शरीर अंजनोख स्थित गोशाला पहुंचाया गया, जहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। छाता-बरसाना मार्ग पर जाम जैसे हालात बन गए और दूर-दूर से लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे।फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा है और लोगों से अपील की जा रही है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें।
