लखनऊ । अमेरिका और इस्राइल द्वारा ईरान पर किए गए हालिया हमलों और ईरान की जवाबी कार्रवाई के बाद खाड़ी क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुँच गया है। एटा के कम से कम 19 लोग खाड़ी देशों और इस्राइल में फंसे हुए हैं, जिनमें नौकरी पेशा और विद्यार्थी दोनों शामिल हैं। लगातार हो रही बमबारी और ड्रोन हमलों के कारण वहां उनके परिवार बेहद चिंतित हैं। स्थानीय प्रशासन ने इस स्थिति की जानकारी लखनऊ स्थित राहत आयुक्त कार्यालय को दी, जिसने विदेश मंत्रालय को फंसे लोगों की सूची भेज दी।

सकीट के दो भाई सिकंदर और जोगेंद्र सिंह यूएई में रह रहे

एटा के बनगांव निवासी नरेंद्र पाल की बेटी सोनल राजपूत इस्राइल में पढ़ाई कर रही हैं और हालात को लेकर परिवार काफी परेशान है। इसी तरह, कासगंज रोड प्राथमिक विद्यालय के पास रहने वाले नमन सक्सेना साऊदी अरब में फंसे हैं। कोतवाली देहात क्षेत्र के आलोक सोलंकी, मंगदपुर खरसुलिया अलीगंज के राजपाल सिंह, कथ्गांव अकबरपुर लाल सहाय के संदीप कुमार, अनुराग सिंह और उनकी बेटी पूजा व आरोही, बाबसा के सौरभ सिंह चौहान और सकीट के दो भाई सिकंदर और जोगेंद्र सिंह यूएई में रह रहे हैं।

फरीदपुर से प्रदीप कुमार साऊदी अरब में फंसे हुए

मारहरा के फरीदपुर से प्रदीप कुमार साऊदी अरब में फंसे हुए हैं। इसके अलावा, कमसान की प्रियंका उपाध्याय, उनकी पत्नी विजय लक्ष्मी, बेटियां हृदा और प्राशा तथा दलेलपुर के अमित वर्मा भी दुबई में भय और दहशत के बीच रह रहे हैं। उनके अनुसार ईरान के हमलों की मिसाइलें ऊपर से गुजर रही हैं और लगातार धमकों की आवाज से बच्चे सहम जाते हैं।

युद्ध की स्थिति अभी समाप्त नहीं हुई

फंसे लोगों ने बताया कि युद्ध के चलते वहां महंगाई बढ़ गई है और खाने-पीने की चीजें महंगी हो गई हैं। भय और अनिश्चितता के कारण सभी दिन-रात सतर्कता में समय बिता रहे हैं। हालांकि हाल के दिनों में विस्फोट पहले से कम हुए हैं, लेकिन युद्ध की स्थिति अभी समाप्त नहीं हुई है और सुरक्षा का कोई भरोसा नहीं है।

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