लखनऊ । राजधानी में लगातार बढ़ते सड़क हादसे चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। बीते चार दिनों में शहर के अलग-अलग इलाकों में हुए 12 सड़क हादसों में 13 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए। इन हादसों ने एक बार फिर शहर की सड़क सुरक्षा व्यवस्था और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।सोमवार से बृहस्पतिवार के बीच सुशांत गोल्फ सिटी, निगोहां, विकासनगर, ठाकुरगंज, इटौंजा, बख्शी का तालाब, गोसाईंगंज, मदेयगंज, चिनहट, कैसरबाग और दुबग्गा समेत कई इलाकों में अलग-अलग दुर्घटनाएं हुईं। अधिकतर हादसे तेज रफ्तार, लापरवाही और अज्ञात वाहनों की टक्कर के कारण हुए।
एसयूवी की टक्कर से 33 वर्षीय किसान सुनील की मौत
निगोहां इलाके में तेज रफ्तार एसयूवी की टक्कर से 33 वर्षीय किसान सुनील की मौत हो गई। वह रात में खेत की रखवाली कर घर लौट रहे थे, तभी टाइटेनियम ग्लास फैक्टरी के पास उनकी बाइक को तेज रफ्तार वाहन ने टक्कर मार दी। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद वाहन चालक गाड़ी छोड़कर फरार हो गया।विकासनगर में एक अन्य हादसे में 23 वर्षीय युवक रवि सिंह की जान चली गई। वह होली खेलने के बाद बहन के घर से लौट रहे थे, तभी मामा चौराहे के पास उनकी बाइक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। गंभीर रूप से घायल रवि को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
रोडवेज बस की टक्कर से एसी मैकेनिक जीशान की मौत हो गई
मदेयगंज में रोडवेज बस की टक्कर से एसी मैकेनिक जीशान की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि टक्कर के बाद वह सड़क पर गिर पड़े और बस के पहिये के नीचे आ गए। हादसे के बाद बस चालक मौके से फरार हो गया।इसी तरह बख्शी का तालाब क्षेत्र में डंपर और बाइक की टक्कर में 24 वर्षीय पंकज की जान चली गई, जबकि उसका साथी घायल हो गया। वहीं कुड़िया घाट के पास तेज रफ्तार बाइक डिवाइडर से टकरा गई, जिसमें 30 वर्षीय जैकी कश्यप की मौत हो गई और उसका दोस्त घायल हो गया।
सड़क दुर्घटनाओं में कई लोगों की जान चली गई
इटौंजा-महोना रोड पर अज्ञात वाहन की टक्कर से 40 वर्षीय महिला सुनीता की मौत हो गई। वह अपने बीमार पति को खाना देने अस्पताल जा रही थीं। वहीं गोसाईंगंज में टहलने निकले एक बुजुर्ग की अज्ञात वाहन की चपेट में आने से मौत हो गई।इसके अलावा चिनहट, कैसरबाग और दुबग्गा समेत अन्य इलाकों में भी सड़क दुर्घटनाओं में कई लोगों की जान चली गई। पुलिस ने अधिकतर मामलों में अज्ञात वाहनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।लगातार हो रहे हादसों से लोगों में चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में तेज रफ्तार वाहनों, ट्रैफिक नियमों की अनदेखी और सड़क पर फैले मलबे जैसी समस्याओं के कारण दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए और सड़क सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए, तो ऐसे हादसों को काफी हद तक रोका जा सकता है।
