हाथरस। यूपी के हाथरस जिले के सिकंदराराऊ कोतवाली क्षेत्र के गांव गढ़िया बहादुर गढ़ी में उस समय सनसनी फैल गई जब एक युवक का शव गंदे नाले में उसकी बाइक के साथ मिला। मृतक की पहचान 24 वर्षीय देवा यादव पुत्र सूरतराम यादव के रूप में हुई है। परिजनों ने युवक की हत्या किए जाने की आशंका जताई है।बताया जा रहा है कि 5 मार्च की दोपहर गांव के कुछ बच्चे पुलिया के नीचे नाले के पास खेल रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर नाले में पड़ी बाइक और एक युवक के शव पर गई। बच्चों ने इसकी जानकारी ग्रामीणों को दी, जिसके बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।

मृतक की पहचान गांव गढ़िया निवासी देवा यादव के रूप में हुई

मृतक की पहचान गांव गढ़िया निवासी देवा यादव के रूप में हुई, जो भारतीय जनता पार्टी के सेक्टर संयोजक भी थे। परिजनों के मुताबिक देवा 4 मार्च की रात से लापता थे। होली मनाने के बाद वह अपनी पत्नी को मायके छोड़ने गए थे और वहां से यह कहकर निकले थे कि दस मिनट में वापस आ जाएंगे, लेकिन इसके बाद वह घर नहीं लौटे। काफी देर तक संपर्क न होने पर पत्नी ने फोन किया, लेकिन मोबाइल स्विच ऑफ मिला। रातभर इंतजार करने के बाद परिजनों ने गुरुवार सुबह कोतवाली में उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी।

शव छिपाने काे ऊपर से मिट्टी से भरी बोरियां भी डाली गई थीं

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जिस हालत में शव मिला, उससे शक और गहरा हो गया है। आशंका जताई जा रही है कि शव और बाइक को छिपाने के लिए ऊपर से मिट्टी से भरी बोरियां भी डाली गई थीं। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से शव और मोटरसाइकिल को नाले से बाहर निकलवाया और कब्जे में ले लिया।देवा यादव की शादी करीब दो साल पहले हुई थी और उनका कोई बच्चा नहीं था। वह गांव में किराना की दुकान चलाते थे। परिजनों का कहना है कि गांव के ही कुछ युवकों से उनका पुराना विवाद चल रहा था, ऐसे में रंजिश के चलते हत्या किए जाने की आशंका है।

रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा

कोतवाली प्रभारी शिवकुमार शर्मा ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा और उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।उधर, देर शाम पोस्टमार्टम के बाद जब शव गांव पहुंचा तो आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने शव को राजमार्ग पर रखकर जाम लगा दिया। सूचना मिलने पर सीओ जेएन अस्थाना मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाकर शांत कराया। करीब 20 मिनट बाद ग्रामीणों ने जाम खोल दिया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।

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