कानपुर ।सर्दी के तेवर ने स्वास्थ्य विभाग और अस्पतालों को अलर्ट मोड में डाल दिया है। मौसम की ठंडक और शरीर की नसों सिकुड़ने के कारण खून के थक्के जमने से हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक के मरीजों में अचानक वृद्धि देखी जा रही है।एलपीएस कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट में शनिवार को हार्ट अटैक के लक्षण लेकर 67 मरीज भर्ती हुए, जिनमें से नौ मरीज पहले से ही गंभीर स्थिति में अस्पताल पहुंचे थे। वहीं, हैलट अस्पताल की इमरजेंसी में मात्र 12 घंटे में 270 मरीज गंभीर हालत में भर्ती हुए, जिसमें एक मरीज मृतावस्था में पहुंचा।

ओपीडी में कुल 919 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया

कार्डियोलॉजी के निदेशक प्रोफेसर राकेश कुमार वर्मा ने बताया कि शनिवार को ओपीडी में कुल 919 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जबकि हैलट ओपीडी में यह आंकड़ा 2187 मरीजों तक पहुंच गया। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरके सिंह ने बताया कि सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक इमरजेंसी में 270 मरीज गंभीर हालत में भर्ती हुए, जिनमें अधिकतर हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक के मरीज थे।विशेषज्ञों का कहना है कि ठंड के मौसम में नसों का सिकुड़ना और ब्लड प्रेशर का असंतुलन हृदय और मस्तिष्क संबंधी गंभीर रोगों का मुख्य कारण बनता है।

ब्रेन स्ट्रोक के मरीजों की जान को गंभीर खतरा

इसलिए सर्दियों में लोगों को धूप सेंकना, हल्की कसरत और रक्त प्रवाह बनाए रखने वाले आहार लेने की सलाह दी जा रही है।डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि अगर समय पर अस्पताल न पहुंचा जाए तो हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक के मरीजों की जान को गंभीर खतरा हो सकता है। लोगों से आग्रह किया गया है कि सर्दियों में अपने स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें और किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज न करें।

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