प्रयागराज। माघ मेला 2026 के द्वितीय स्नान पर्व मकर संक्रांति पर संगम नगरी प्रयागराज में आस्था और श्रद्धा का विराट दृश्य देखने को मिला। मेला प्रशासन के अनुसार इस पावन अवसर पर करीब 1 करोड़ 3 लाख श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया। इससे पहले एकादशी पर्व पर भी लगभग 85 लाख श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई थी।
शास्त्रों में मकर संक्रांति स्नान को विशेष महत्व प्राप्त
शास्त्रों में मकर संक्रांति स्नान को विशेष महत्व प्राप्त है। मान्यता है कि सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ संगम में स्नान करने से समस्त पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसी धार्मिक आस्था के चलते देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु माघ मेला में प्रयागराज पहुंचते हैं।श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए मेला क्षेत्र में व्यापक प्रशासनिक और पुलिस व्यवस्था की गई थी। सभी वरिष्ठ अधिकारी लगातार भ्रमणशील रहकर व्यवस्था की निगरानी करते रहे।
रैपिडो बाइक सेवा का भी व्यापक उपयोग हुआ
इस दौरान एडीजी ज्योति नारायण, आईजी अजय मिश्र, मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल, पुलिस कमिश्नर जोगेन्द्र कुमार, अपर पुलिस आयुक्त डॉ. अजयपाल शर्मा, जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा, मेलाधिकारी ऋषिराज और मेला एसपी नीरज पांडेय ने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, जिससे स्नान पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।श्रद्धालुओं की आवाजाही को आसान बनाने के लिए शुरू की गई रैपिडो बाइक सेवा का भी व्यापक उपयोग हुआ।
श्रद्धालुओं को पारंपरिक खिचड़ी का प्रसाद भी वितरित किया
अकेले मकर संक्रांति के दिन 11,500 से अधिक श्रद्धालुओं ने इस सेवा का लाभ लिया, जबकि अब तक 1,38,500 से ज्यादा लोग इस सुविधा से सुरक्षित अपने गंतव्य तक पहुंच चुके हैं।मकर संक्रांति के अवसर पर प्रशासन ने सामाजिक समरसता और सेवा भाव का परिचय देते हुए श्रद्धालुओं को पारंपरिक खिचड़ी का प्रसाद भी वितरित किया, जिससे मेला क्षेत्र में उत्सव और उल्लास का माहौल बना रहा।
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