एसएमयूपीन्यूज,वाराणसी। वाराणसी में कोडीनयुक्त कफ सिरप की अवैध तस्करी के मामले में न्यायिक शिकंजा और कस गया है। अपर जिला जज (फास्ट ट्रैक) मनोज कुमार की अदालत ने शुक्रवार को मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल समेत छह अभियुक्तों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर दिए। जांच के दौरान सामने आया है कि प्रकरण उजागर होने के बाद से ही शुभम फरार है और उसके दुबई में छिपे होने की जानकारी मिली है।
शुभम के खिलाफ अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई
इस मामले की जड़ें उत्तर प्रदेश के कई जिलों तक फैली हैं। वाराणसी, सोनभद्र, जौनपुर, गाजीपुर और चंदौली सहित कई जनपदों में शुभम के खिलाफ अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसी क्रम में शुक्रवार को शुभम के पिता और शैली ट्रेडर्स के प्रोपराइटर भोला प्रसाद जायसवाल को सोनभद्र जेल से वाराणसी लाकर अदालत में पेश किया गया।
अगली सुनवाई की तिथि 9 जनवरी तय की गई
अदालत में भोला प्रसाद जायसवाल की संपत्ति जब्ती से जुड़ी अर्जी पर भी सुनवाई हुई। बचाव पक्ष ने दस्तावेजों के अध्ययन और लिखित आपत्ति दाखिल करने के लिए 15 दिन का समय मांगा, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। इसके साथ ही भोला को न्यायिक अभिरक्षा में भेजते हुए अगली सुनवाई की तिथि 9 जनवरी तय की गई।
देश-विदेश तक फैला नेटवर्क
प्रकरण के अनुसार, ड्रग इंस्पेक्टर जुनाब अली ने कोतवाली थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप है कि रांची की फर्म शैली ट्रेडर्स के जरिए बड़े पैमाने पर कोडीनयुक्त कफ सिरप की तस्करी की गई, जिसका नेटवर्क देश और विदेश तक फैला हुआ है। जांच में सामने आया कि भोला प्रसाद जायसवाल और उसके बेटे शुभम ने कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर फर्जी फर्मों का पंजीकरण कर भारी मात्रा में कफ सिरप की खरीद-बिक्री की, जिसका इस्तेमाल नशे के रूप में किया गया।
32 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति का पता चला
जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी और उसके परिजनों के नाम पर 32 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति का पता चला है। भोला प्रसाद जायसवाल की गिरफ्तारी के बाद उसे सोनभद्र जेल में रखा गया था, जहां से वारंट-बी के तहत उसे वाराणसी लाया गया।
फरार आरोपियों पर पुलिस की दबिश
इस मामले में शुभम जायसवाल, दिवेश जायसवाल उर्फ सानू, विकास सिंह, आकाश पाठक, राहुल यादव और अमित जायसवाल सहित कुल छह आरोपी फरार चल रहे हैं। शुभम जायसवाल पर 75 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
50 हजार का इनामी आरोपी कोर्ट में सरेंडर
इसी कड़ी में कफ सिरप के अवैध भंडारण के एक अन्य मामले में 50 हजार रुपये के इनामी प्रधान प्रतिनिधि और गोदाम मालिक महेश सिंह ने शुक्रवार को चुपचाप अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लग सकी। कोर्ट ने महेश सिंह को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
शुभम के साथ मिलकर करते थे काम
रोहनिया थाना क्षेत्र के भदवर काशीपुर निवासी महेश सिंह पर आरोप है कि वह शुभम जायसवाल के साथ मिलकर कफ सिरप तस्करी सिंडिकेट का हिस्सा था। 19 नवंबर को रोहनिया के भदवर इलाके में एक जिम के नीचे बने गोदाम से पुलिस ने करीब दो करोड़ रुपये की 93 हजार से अधिक शीशियां कफ सिरप बरामद की थीं। उस दौरान केयरटेकर आजाद जायसवाल को गिरफ्तार किया गया था, जबकि महेश सिंह फरार हो गया था।
फार्मा फर्मों पर भी गिरी गाज
कोडीनयुक्त कफ सिरप की अवैध खरीद-बिक्री के मामले में प्रशासन ने कड़ा कदम उठाते हुए वाराणसी की तीन फार्मा फर्मों—किरन फार्मा, वेदिका इंटरप्राइजेज और अथर्व ट्रेडर्स फार्मा—के लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं। सहायक आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के अनुसार जिले में अब तक 37 फर्मों के लाइसेंस रद्द किए जा चुके हैं।
औषधि प्रशासन की टीमें पूरे प्रकरण की गहन जांच में जुटी
खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन की टीमें पूरे प्रकरण की गहन जांच में जुटी हैं। नियमों के तहत न केवल प्राथमिकी दर्ज कराई जा रही है, बल्कि दोषी पाए जाने पर लाइसेंस निरस्तीकरण और सख्त कानूनी कार्रवाई भी की जा रही है। कोडीन कफ सिरप तस्करी मामले में आने वाले दिनों में और बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है।
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