एसएमयूपीन्यूज, लखनऊ । उत्तर प्रदेश इंटीग्रेटेड इमरजेंसी कम्युनिकेशन एंड कमांड सेंटर सिस्टम (UP-112/ITECCS) ने एंड्रॉइड इमरजेंसी लोकेशन सर्विस (ELS) को सफलतापूर्वक परिचालन में ला दिया है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश, भारत का पहला राज्य बन गया है जिसने इस अत्याधुनिक आपातकालीन लोकेशन तकनीक को अपनी आपात प्रतिक्रिया प्रणाली में पूरी तरह लागू किया है।
उत्तर प्रदेश में विश्वस्तरीय आपातकालीन प्रतिक्रिया को मिली नई ऊँचाई
यह पहल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी नेतृत्व और तकनीक-आधारित सुशासन की सोच के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाना तथा नागरिकों को विश्वस्तरीय, त्वरित और भरोसेमंद आपात सेवाएँ उपलब्ध कराना है। UP-112 की यह उपलब्धि नागरिक-केंद्रित, तकनीक-सक्षम और भरोसेमंद आपात प्रतिक्रिया प्रणाली की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
प्रौद्योगिकी से सशक्त होती आपातकालीन प्रतिक्रिया
निर्भया कांड के बाद देश में केंद्रीकृत और राज्य-स्तरीय आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली की आवश्यकता को गंभीरता से महसूस किया गया। इसी राष्ट्रीय दृष्टिकोण के तहत उत्तर प्रदेश में UP-112 की स्थापना की गई, जिसने पुलिस, एम्बुलेंस और फायर जैसी आपात सेवाओं को एकीकृत कर राज्यभर में त्वरित सहायता उपलब्ध कराई है।
रिस्पांस टाइम में उल्लेखनीय कमी आई
अब एंड्रॉइड इमरजेंसी लोकेशन सर्विस (ELS) के लागू होने से UP-112 की क्षमताओं में और अधिक इजाफा हुआ है। इससे आपातकालीन कॉल करने वाले व्यक्ति की सटीक लोकेशन कुछ ही सेकंड में स्वतः उपलब्ध हो जाती है, जिससे रिस्पांस टाइम में उल्लेखनीय कमी आई है।
क्या है एंड्रॉइड इमरजेंसी लोकेशन सर्विस (ELS)?
Google द्वारा विकसित एंड्रॉइड ELS तकनीक आपात कॉल या SMS के दौरान GPS, वाई-फाई, मोबाइल नेटवर्क और डिवाइस सेंसर की मदद से अत्यंत सटीक लोकेशन निर्धारित करती है। यह जानकारी केवल सत्यापित आपात स्थितियों में ही सुरक्षित रूप से आपात सेवाओं तक पहुंचाई जाती है। इसके साथ ही उपयोगकर्ता की गोपनीयता और डेटा सुरक्षा को लेकर मजबूत प्रावधान भी सुनिश्चित किए गए हैं।
UP-112 की आपात प्रतिक्रिया प्रणाली में ELS को पूरी तरह एकीकृत कर दिया गया है, जिससे कॉल-टेकर्स और डिस्पैच टीमें अब कॉलर की सटीक और स्वचालित लोकेशन तुरंत देख सकती हैं और नजदीकी संसाधनों को बिना देरी के रवाना कर सकती हैं।
यूपी-112 के दूसरे चरण की बड़ी उपलब्धि
UP-112 के दूसरे चरण के अंतर्गत ELS को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में शामिल किया गया है। इस परियोजना को सिस्टम इंटीग्रेटर भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL), Pert Telecom Solutions Pvt. Ltd. और Google के संयुक्त प्रयासों से विकसित किया गया है। कई चरणों में परीक्षण और तकनीकी सत्यापन के बाद इसे सफलतापूर्वक लागू किया गया।
इस पहल के साथ उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया
इस पहल के साथ उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है, जहाँ 100 प्रतिशत एंड्रॉइड डिवाइस ELS तकनीक से लैस होकर UP-112 से जुड़ चुके हैं। पहले चरण में सामने आई लोकेशन संबंधी चुनौतियों का समाधान करते हुए ELS अब अत्यंत सटीक लोकेशन प्रदान कर रही है, जिससे UP-112 कम समय में आपात सहायता पहुँचाने में सक्षम हो गया है।
नागरिक सुरक्षा की दिशा में मील का पत्थर
विशेषज्ञों का मानना है कि एंड्रॉइड ELS की शुरुआत उत्तर प्रदेश में आपातकालीन सेवाओं को वैश्विक मानकों के अनुरूप ले जाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी। यह तकनीक न केवल पुलिस और अन्य आपात एजेंसियों की कार्यक्षमता बढ़ाएगी, बल्कि संकट की घड़ी में आम नागरिकों की जान बचाने में भी अहम भूमिका निभाएगी।
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