एसएमयूपीन्यूज, फर्रुखाबाद। बहराइच जिले को हिला देने वाले रामगोपाल मिश्रा हत्याकांड में गुरुवार को अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने मुख्य आरोपी मोहम्मद सरफराज उर्फ रिंकू को हत्या का दोषी मानते हुए फांसी की सजा सुनाई, जबकि उसके पिता और भाइयों सहित नौ सह-अभियुक्तों को आजीवन कारावास दिया गया।करीब 14 महीने तक चली सुनवाई के बाद आए इस फैसले के साथ ही पीड़ित परिवार की न्याय की लंबी लड़ाई पूरी हुई, वहीं दोषियों के परिजनों में मातम छा गया। फैसले के दौरान कचहरी परिसर को पुलिस ने सुरक्षा घेरा बनाकर छावनी में तब्दील कर दिया था।
कैसे भड़की थी हिंसा
13 अक्टूबर 2024 को महराजगंज बाजार में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान अचानक हिंसा भड़क गई। भीड़ के बीच तनाव बढ़ा और इसी दौरान रेहुआ मंसूर गांव निवासी रामगोपाल मिश्रा की गोली मारकर नृशंस हत्या कर दी गई। जांच में सामने आया कि झंडे को लेकर हुए विवाद के बाद सरफराज ने रामगोपाल को गोली मारी और इसके बाद भीड़ ने उन्हें बेरहमी से पीट दिया था।घटना के बाद इलाके में दंगा भड़क गया, कर्फ्यू लगाना पड़ा और इंटरनेट सेवाएं तक ठप करनी पड़ी थीं।
फैसले का पल: एक तरफ आंसू, दूसरी तरफ राहत
फैसला सुनाते ही अदालत कक्ष में भावनाएं उमड़ पड़ीं।पीड़ित परिवार मां, पत्नी और भाई फैसले के बाद फूट-फूटकर रो पड़े, लेकिन संतोष भी जताया कि “अब बेटे/पति की आत्मा को शांति मिलेगी।दूसरी ओर दोषियों के परिजन सदमे में दिखे। सरफराज की बहन अदालत कक्ष में बेहोश होकर गिर पड़ी।पीड़ित पिता, जो बीमारी के कारण अस्पताल में भर्ती हैं, ने फैसले की जानकारी मिलते ही धीमी आवाज में कहा भगवान के घर देर है, अंधेर नहीं… मेरे बेटे को आज न्याय मिल गया।
कौन-कौन दोषी, किसे कितनी सजा
कोर्ट ने 13 आरोपियों में से 10 को दोषी ठहराया और तीन को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
फांसी
मोहम्मद सरफराज उर्फ रिंकू
उम्रकैद पाए दोषी
अब्दुल हमीद
मोहम्मद फहीम
मोहम्मद तालिब
सैफ अली
जावेद खान
मोहम्मद जीशान
शोएब खान
ननकऊ
मारूफ अली
सभी पर अलग-अलग अर्थदंड भी लगाया गया है। सरफराज पर 1.30 लाख, जबकि बाकी अभियुक्तों पर 50 हजार से लेकर 1.81 लाख तक जुर्माना लगाया गया।
टाइट सुरक्षा, पुलिस अलर्ट मोड में
फैसले के बाद किसी भी तरह की अफवाह या तनाव की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है।
रात में भी गश्त
बाजारों में निगरानी
भीड़ जुटने पर रोक
एएसपी डी.पी. तिवारी ने बताया कि महराजगंज क्षेत्र में सुरक्षा और बढ़ा दी गई है, ताकि कोई अप्रिय स्थिति न बने।पत्नी रोली मिश्रा ने कहा— “मेरी एक ही मांग थी… आज पूरी हुई”रामगोपाल की पत्नी रोली मिश्रा ने अदालत के निर्णय को न्याय की जीत बताया।उन्होंने कहा—मैंने सिर्फ यही कहा था कि मेरे पति के कातिलों को मौत की सजा मिले। आज अदालत ने हमारी पीड़ा समझी।”
अभियोजन की दलीलें और कोर्ट की सख्ती
अदालत ने सरफराज की भूमिका को “निर्दय और समाज विरोधी” बताते हुए कहा कि यह मामला “दुर्लभ से दुर्लभ” की श्रेणी में आता है।नौ अन्य दोषियों की भीड़ में शामिल होकर हिंसा बढ़ाने और हत्या में सहायक भूमिका साबित होने पर उन्हें आजीवन कारावास दिया गया।
जिले में गंभीर तनाव के बाद आया फैसला
हत्याकांड के बाद जिले में हालात इतने बिगड़े थे कि महसी क्षेत्र में कर्फ्यू लागू हुआ।दंगाइयों को देखते ही गोली मारने के आदेश।पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई।पूरे जिले में कई दिन तक तनाव।लंबी सुनवाई और 100 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज होने के बाद अदालत ने यह फैसला सुनाया।
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