एसएमयूपीन्यूज, लखनऊ । राजधानी लखनऊ में अवैध शराब के तस्करों के काले कारोबार पर एक बार फिर बड़ा प्रहार किया गया है। इटौंजा थाना क्षेत्र के सीतापुर रोड स्थित टोल प्लाज़ाउत्तर प्रदेश और झारखंड में सक्रिय नशीले कफ सिरप का बड़ा सिंडीकेट अब सिर्फ अवैध तस्करी तक सीमित नहीं था। सूत्रों के अनुसार यह गिरोह अपनी काली कमाई को झारखंड में खनन के कारोबार में लगाने की तैयारी कर रहा था। इसके लिए गिरोह ने पूर्वांचल के बाहुबली और माफिया नेटवर्क का इस्तेमाल किया और एक मंत्री से सीधे संपर्क साधकर बड़े खनन प्रोजेक्ट का आश्वासन भी लिया।

पैसा खनन कारोबार में लगाकर कमाना चाहते थे कई गुना मुनाफा

सिंडीकेट का मकसद स्पष्ट था अवैध सिरप से अरबों की कमाई को खनन कारोबार में लगाकर कई गुना मुनाफा कमाना। इसके लिए करोड़ों रुपये की सिक्योरिटी मनी जमा करने की जिम्मेदारी शुभम जायसवाल को सौंपी गई। यही कारण था कि उसे एमएलसी बनाने का आश्वासन भी दिया गया और एक बड़े राजनेता ने उसे लैंड क्रूजर गाड़ी भेंट की।

पूर्वाचल के बाहुबली और राजनीति का नेटवर्क

शुभम जायसवाल, अमित सिंह टाटा और आलोक सिंह ने सिरप तस्करी के लिए फर्जी फर्में बनाई थीं। उनका यह नेटवर्क पूर्वाचल के बाहुबली और राजनीतिक कनेक्शन से जुड़कर और मजबूत हो गया। सूत्रों के अनुसार, पूर्व ब्यूरोक्रेट ने विकास सिंह विक्की और अन्य सहयोगियों को ब्लॉक प्रमुख बनाने का आश्वासन दिया। वहीं पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने भी अमित सिंह टाटा का राजनीतिक समर्थन किया।

ईडी और एसटीएफ की सख्त कार्रवाई

पिछले तीन दिनों में 16 फर्म संचालकों के 30 बैंक खाते फ्रीज किए गए। कोलकाता से गिरफ्तार शुभम के पिता भोला प्रसाद को 14 दिन की रिमांड पर पुलिस ने लिया। पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं, जिसमें वाराणसी के चार्टर्ड अकाउंटेंट विष्णु अग्रवाल की भूमिका भी सामने आई। पूर्व सांसद धनंजय सिंह और बर्खास्त सिपाही आलोक प्रताप सिंह का नेटवर्क भी जांच के दायरे में है। ईडी अधिकारियों ने आलोक के 20 करोड़ रुपये के 10 हजार स्क्वायर फीट वाले मकान की भी जांच शुरू कर दी है।

सिरप तस्करी का बड़ा नेटवर्क

बरेली, गोरखपुर, महराजगंज और गाजियाबाद के धंधेबाजों की सूची तैयार, प्राथमिकी दर्ज। गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित आरएस फार्मा के मालिक सौरभ त्यागी पर जांच, चार बैंक खातों से 12.55 करोड़ रुपये की लेन-देन का पता चला। सिरप को हिमाचल, बनारस, सोनभद्र, हरियाणा, दिल्ली और बांग्लादेश तक सप्लाई किया गया।

रोचक तथ्य और सनसनी

नशीले सिरप से अरबों की कमाई कर रहे सिंडीकेट ने पूर्वांचल के बाहुबली और राजनीतिक नेताओं के साथ मिलकर अपने कारोबार का दायरा फैलाया।

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