एसएमयूपीन्यूज, लखनऊ । राजधानी लखनऊ में अवैध शराब के तस्करों के काले कारोबार पर एक बार फिर बड़ा प्रहार किया गया है। इटौंजा थाना क्षेत्र के सीतापुर रोड स्थित टोल प्लाज़ा के पास STF, आबकारी विभाग और इटौंजा पुलिस की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर भारी मात्रा में अवैध विदेशी शराब की खेप पकड़ने में सफलता हासिल की। तस्कर आलू की बोरियों के नीचे शराब की पेटियों को छुपाकर राज्य की सीमाओं को पार कर रहे थे, लेकिन पुलिस की सतर्कता ने बड़ा हादसा टाल दिया।

आधी रात चला हाईवे पर ऑपरेशन ‘नाइट ट्रैप’

विशेष प्रवर्तन अभियान के तहत बुधवार देर रात चेकिंग के दौरान पुलिस को संदिग्ध ट्रक (PB 65 AH 3597) दिखाई दिया। रुकवाकर तलाशी ली गई तो पहले सिर्फ आलू के कट्टे नजर आए, लेकिन जब परत दर परत सामान हटाया गया तो पुलिस टीम के भी होश उड़ गए—नीचे से चंडीगढ़ से लाई गई 13,812 पेटी अवैध शराब बरामद हुई, जिन पर स्पष्ट रूप से “FOR SALE IN CHANDIGARH ONLY” अंकित था।बरामद शराब में रॉयल स्टैग, बकार्डी, ऑल सीज़न, ओल्ड हैबिट जैसे प्रीमियम ब्रांड शामिल हैं। यह शराब बिहार में तस्करी कर ऊंचे दामों पर बेचने की तैयारी थी।

तस्कर का खुलासा: चंडीगढ़ से बिहार सप्लाई की बड़ी साजिश

गिरफ्तार ट्रक चालक सुशील कुमार (निवासी कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश) ने बताया कि यह खेप चंडीगढ़ से बिहार भेजी जा रही थी। पुलिस को शक है कि इसके पीछे संगठित शराब तस्करी का बड़ा गिरोह काम कर रहा है।पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक मोबाइल फोन, 5,700 नकद भी बरामद किए हैं।यह ऑपरेशन आबकारी आयुक्त उत्तर प्रदेश एवं जिलाधिकारी लखनऊ के आदेश और संयुक्त आबकारी आयुक्त लखनऊ जोन व उप आबकारी आयुक्त लखनऊ प्रभार के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा था।

कार्रवाई में शामिल अधिकारी

आबकारी निरीक्षक कौशलेंद्र रावत, विजय राठी, अखिल कुमार गुप्ता, अभिषेक सिंह, अखिलेश कुमार, हरिकेश शुक्ला साथ ही STF और थाना इटौंजा पुलिस की टीम शामिल रही। वाहन और शराब को कब्जे में लेकर थाना इटौंजा में सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

तस्करी नेटवर्क की कड़ियाँ खंगालने में जुटी STF

अधिकारियों का कहना है कि सीमावर्ती राज्यों से शराब की अवैध सप्लाई रोकने के लिए लगातार चेकिंग व छापेमारी अभियान जारी रहेगा। टीम अब यह पता लगा रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है और इस शराब की डिलीवरी बिहार में किसे की जानी थी।

क्यों बढ़ी अवैध शराब की तस्करी?

जानकारों का कहना है कि शराबबंदी वाले राज्यों में इसकी मांग अत्यधिक है, जिसके कारण माफिया नए-नए तरीके अपनाकर भारी मुनाफा कमाने में लगे हैं। आलू के नीचे छुपाकर शराब ढोने का यह तरीका उनकी संगठित और पेशेवर रणनीति को दर्शाता है।

बरामद शराब का विवरण:

  • रॉयल स्टैग बैरल सिलेक्ट: 2,052 बोतल
  • ओल्ड हैबिट विस्के: 7,488 बोतल
  • ऑल सीजंस गोल्डन कलेक्शन रिजर्व: 3,840 बोतल
  • ब्लैक बाय बकार्डी रम: 432 बोतल

कुल 13,812 बोतल!

साथ ही ट्रक, नकदी, मोबाइल फोन और ड्राइविंग लाइसेंस भी जब्त किए गए।

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