एसएमयूपीन्यूज, लखनऊ । उत्तर प्रदेश में अब सरकारी सिस्टम के भीतर छिपी ‘काली कमाई’ की रातें खत्म! राज्य सरकार ने बड़ा धमाका करते हुए साफ कर दिया है कि जो अधिकारी और कर्मचारी अपनी चल-अचल संपत्तियों का पूरा हिसाब नहीं देंगे, वे कुर्सी की नई सीढ़ियाँ चढ़ने का सपना भी न देखें।
इस आदेश के बाद सरकारी महकमें हड़कंप
मुख्य सचिव एसपी गोयल के आदेश के बाद पूरे सरकारी महकमे में हड़कंप मच गया है। आदेश के मुताबिक 31 जनवरी 2026 तक हर सरकारी कर्मी को अपनी कमाई से जुड़ी हर एक संपत्ति का ब्योरा मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड करना होगा। इस तिथि तक ब्योरा न अपलोड करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों की अब खैर नहीं है।
डेडलाइन मिस करते ही अगले ही दिन,प्रमोशन लिस्ट से नाम गायब!
सूत्र बताते हैं सरकार को लगातार शिकायत मिल रही थी कि कई अफसर- बाबू अपनी जमीन-जायदाद, बंगले, प्लॉट और बैंक बैलेंस का खुलासा ही नहीं कर रहे थे। लाख चेतावनी के बावजूद बेपरवाह रवैये पर अब योगी सरकार ने ज़ीरो टॉलरेंस मोड ऑन कर दिया है।
पूरे प्रदेश में आठ लाख से ज्यादा कर्मचारी
प्रदेश में 8 लाख से ज़्यादा कर्मचारी हैं और सरकार अब प्रत्येक की संपत्तियों के डिजिटल रिकॉर्ड को हर हाल में चाहती है। और नहीं दिया… तो डीपीसी (विभागीय पदोन्नति कमेटी) की बैठक में प्रवेश वर्जित! इससे भी आगे सेवा नियमावली के तहत कड़ी विभागीय कार्रवाई भी तय।सरकार ने विभागाध्यक्षों को निर्देश दे दिए हैं—निगरानी कड़ी रहे, कोई बचकर न निकल पाए।हालांकि, जिन्हें नियमों के तहत छूट मिली है, उनकी राहत फिलहाल बनी रहेगी।
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