अयोध्या। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को भगवान श्रीराम की जन्मभूमि पर बने राम मंदिर के शिखर पर बटन दबाकर धर्म ध्वजारोहण किया। ध्वजारोहण के दौरान मंत्रोच्चार चलता रहा। जैसे ही ध्वज शिखर पर पहुँचा, प्रधानमंत्री ने उसे प्रणाम किया और उसके बाद प्रधानमंत्री मोदी और आरएसएस सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने ध्वज पर पुष्पार्चन किया।

प्रधानमंत्री ने मंदिर के प्रथम तल पर बने राम दरबार में भी दर्शन किए

इस अवसर पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, श्रीराम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास, ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी और महामंत्री चंपत राय सहित देशभर से आए संत और आमंत्रित अतिथि मौजूद रहे।ध्वजारोहण से पहले प्रधानमंत्री ने रामलला का दर्शन और पूजा अर्चना की। राम मंदिर में पूजा अर्चना स्वामी विश्वप्रपन्नतीर्थ महाराज द्वारा संपन्न कराई गई। इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने मंदिर के प्रथम तल पर बने राम दरबार में भी दर्शन किए।

भव्य सज्जा और जयकारों के बीच रोड शो भी किया

राम मंदिर के शिखर पर स्थापित ध्वज की ऊँचाई 10 फीट और लंबाई 6 फीट है। ध्वज पर सूर्य की चमकती तस्वीर, कोविदार पेड़ और ऊँ का प्रतीक है। यह परंपरागत उत्तर भारतीय नागर शैली में निर्मित धर्म ध्वजा है।प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर भव्य सज्जा और जयकारों के बीच रोड शो भी किया। रोड शो के दौरान सड़क किनारे खड़े रामभक्तों ने तिरंगा और भगवा ध्वज के साथ उनका स्वागत किया। पूरे मार्ग में रामनाम और जय श्रीराम के जयकारों से वातावरण गुंजायमान रहा।इस ऐतिहासिक अवसर के साथ राम मंदिर का निर्माण पूर्ण हुआ और यह पल इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गया।

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