भारी बारिश के बावजूद शिक्षा निदेशालय पहुंचे सैकड़ों अभ्यर्थी, अपर शिक्षा निदेशक ने शासन को प्रस्ताव भेजने का दिया आश्वासन
प्रयागराज, 24 अगस्त 2026। अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में TGT-PGT भर्ती प्रक्रिया को पुरानी नियमावली और पुराने पैटर्न के आधार पर कराने की मांग को लेकर युवा मंच के बैनर तले सोमवार को सैकड़ों अभ्यर्थियों ने शिक्षा निदेशालय, प्रयागराज में प्रदर्शन किया। करीब दोपहर 12 बजे शुरू हुआ आंदोलन भारी बारिश के बावजूद जारी रहा।
अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया में किए गए बदलावों को लेकर नाराजगी जताई और पुरानी नियमावली के आधार पर भर्ती का विज्ञापन जारी करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि नए नियमों के कारण बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के लिए भर्ती प्रक्रिया और अधिक जटिल हो गई है।
निदेशक से मुलाकात के बाद अपर शिक्षा निदेशक के कार्यालय पहुंचे अभ्यर्थी
प्रदर्शन के दौरान करीब दोपहर 2 बजे अभ्यर्थियों को जानकारी मिली कि कोर्ट केस से संबंधित मामले को लेकर शिक्षा निदेशालय के निदेशक प्रयागराज आए हुए हैं। इसके बाद प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधियों ने उनसे मुलाकात की।
युवा मंच के मुताबिक, निदेशक ने बताया कि इस मामले में अपर शिक्षा निदेशक से जवाब मांगा गया है। जवाब मिलने के बाद मामले को शासन स्तर पर भेजने की कार्रवाई की जाएगी।
इसके बाद युवा मंच के प्रतिनिधि शिक्षा निदेशालय पहुंचे और अपर शिक्षा निदेशक कामता राम पाल के कार्यालय में अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की। प्रतिनिधियों ने मामले में तत्काल शासन को पत्र भेजने की मांग की।
युवा मंच के प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिंह के अनुसार, अपर शिक्षा निदेशक ने आश्वासन दिया कि 25 अगस्त को हर हाल में संबंधित पत्र शासन को भेज दिया जाएगा और पुरानी नियमावली से जुड़ी कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा।
नए नियमों को लेकर अभ्यर्थियों की आपत्ति
युवा मंच के प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिंह ने कहा कि अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में TGT-PGT भर्ती के नियमों में किए गए बदलाव अभ्यर्थियों के हित में नहीं हैं। उनका दावा है कि 16 सितंबर 2025 को जारी गजट के माध्यम से नियमों में बदलाव किए गए, जिसके चलते उत्तर प्रदेश के सात लाख से अधिक अभ्यर्थियों के अवसर प्रभावित हो रहे हैं।
अनिल सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की भर्ती प्रक्रिया में सामान्य अध्ययन और माइनस मार्किंग सहित नए प्रावधान शामिल किए जाने से अभ्यर्थियों की परेशानी बढ़ेगी। उनका कहना है कि इन प्रावधानों के कारण भर्ती प्रक्रिया जटिल हो सकती है और शिक्षकों की नियुक्ति समय पर पूरा होना मुश्किल होगा।
करीब 20 हजार रिक्त पदों पर विज्ञापन जारी करने की मांग
युवा मंच ने अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में रिक्त करीब 20 हजार पदों पर तत्काल भर्ती विज्ञापन जारी करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि इन पदों पर भर्ती पुरानी नियमावली के आधार पर की जानी चाहिए।
संगठन के अनुसार, पुराने नियमों के आधार पर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाने से सामान्य अध्ययन, माइनस मार्किंग समेत अन्य प्रावधानों से जुड़ी विसंगतियों से अभ्यर्थियों को राहत मिल सकती है।

योग्यता संबंधी विसंगतियों का भी मुद्दा
अनिल सिंह ने कहा कि प्रवक्ता पदों पर बिना बीएड वाले अभ्यर्थियों को अवसर देने, प्राविधिक कला, हिंदी, अंग्रेजी, संगीत सहित विभिन्न विषयों की योग्यता से जुड़ी विसंगतियों को भी दूर किया जाना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि इन मुद्दों का समाधान पुरानी नियमावली के माध्यम से किया जा सकता है। यदि नियमों से जुड़ी विसंगतियां दूर नहीं की गईं तो भर्ती प्रक्रिया के दौरान कानूनी विवाद उत्पन्न होने की आशंका बनी रहेगी।
आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
युवा मंच के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि संगठन अभ्यर्थियों के हित में अपना संघर्ष जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि जब तक पुरानी नियमावली के आधार पर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाने और करीब 20 हजार रिक्त पदों पर विज्ञापन जारी करने की ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रखा जाएगा।
उन्होंने कहा कि संगठन की मांग है कि भर्ती प्रक्रिया को जल्द शुरू किया जाए, ताकि लंबे समय से तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को रोजगार का अवसर मिल सके।
प्रदर्शन में ये लोग रहे मौजूद
आंदोलन में बृजेश सिंह, अमित पांड्या, एल.के. चौधरी, दीपा सिंह, सलिल मौर्य, राकेश अग्रहरि, कमलाकर सिंह, अमरजीत सिंह, सुरजीत सिंह, मुकेश सिंह, आनंद मिश्रा, अंकित यादव, पारुल, अनीता, आरती, प्रमोद दुबे और गौरव यादव समेत सैकड़ों अभ्यर्थी मौजूद रहे।
युवा मंच का कहना है कि अब सभी की नजर 25 अगस्त को शासन को भेजे जाने वाले प्रस्ताव पर है। संगठन का दावा है कि प्रस्ताव के बाद पुरानी नियमावली के आधार पर TGT-PGT भर्ती प्रक्रिया और रिक्त पदों के विज्ञापन को लेकर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
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