अभ्यर्थी को इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से उत्तर बताने की थी तैयारी, 50 हजार नकद और 13 मार्कशीट समेत बड़ी मात्रा में दस्तावेज बरामद
लखनऊ। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की स्नातक स्तरीय मुख्य परीक्षा में अनुचित साधनों के जरिए अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाने वाले गिरोह का थाना महानगर पुलिस और यूपी एसटीएफ ने खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में कथित मास्टरमाइंड रमेश चंद्र पटेल और उसके सहयोगी सत्यप्रकाश यादव को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरोह इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और ब्लूटूथ के माध्यम से परीक्षा में बैठे अभ्यर्थी को प्रश्नों के उत्तर बताने की योजना पर काम कर रहा था।
मामले की शुरुआत 23 अगस्त 2026 को हुई, जब यूपी एसटीएफ को सूचना मिली कि थाना महानगर क्षेत्र के सेक्टर-सी स्थित दयानंद कन्या इंटर कॉलेज में UPSSSC की स्नातक स्तरीय मुख्य परीक्षा के दौरान एक अभ्यर्थी ब्लूटूथ के माध्यम से नकल करने की कोशिश कर रहा है। सूचना पर एसटीएफ और महानगर पुलिस की संयुक्त टीम ने परीक्षा केंद्र पर कार्रवाई की और बृजेश कुमार यादव उर्फ बब्लू को गिरफ्तार किया।
बृजेश की गिरफ्तारी के बाद खुली नेटवर्क की परत
बृजेश कुमार यादव जौनपुर का रहने वाला है और वर्तमान में प्रयागराज में रह रहा था। उसके खिलाफ कार्रवाई के बाद पुलिस ने पूछताछ और विवेचना के दौरान उसके संपर्कों की पड़ताल की। इसी क्रम में रमेश चंद्र पटेल और सत्यप्रकाश यादव की भूमिका सामने आई।
पुलिस को सूचना मिली कि बृजेश अपने एक साथी के साथ निशातगंज चौराहे स्थित एक होटल में रुका था। टीम ने होटल का रजिस्टर चेक किया तो सीरियल नंबर 2098 पर बृजेश कुमार यादव और सत्यप्रकाश यादव के ठहरने की जानकारी मिली। इसके बाद सीसीटीवी फुटेज के जरिए सत्यप्रकाश का हुलिया और गतिविधियों की जानकारी जुटाई गई।
पुलिस के मुताबिक, सत्यप्रकाश दयानंद इंटर कॉलेज से कुछ दूरी पर अपने साथी का इंतजार करता मिला। पूछताछ में उसने बताया कि वह और बृजेश परीक्षा देने आए थे और उसकी रमेश चंद्र पटेल से परीक्षा में नकल कराने को लेकर बातचीत हुई थी।
प्रयागराज से पकड़ा गया रमेश चंद्र पटेल
सत्यप्रकाश को साथ लेकर पुलिस टीम प्रयागराज पहुंची और संगम रेलवे स्टेशन के सामने रमेश चंद्र पटेल को बुलाया गया। पूछताछ में उसकी भूमिका सामने आने के बाद उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस के अनुसार, सत्यप्रकाश यादव के कब्जे से एटीएम कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और लैपटॉप सर्विस की रसीद बरामद हुई। वहीं रमेश चंद्र पटेल के पास से पैन कार्ड, एक्सिस बैंक का एटीएम कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना कार्ड, अलग-अलग व्यक्तियों के नाम की 13 मार्कशीट एवं शैक्षणिक प्रमाणपत्र और पैंट की जेब से 50 हजार रुपये नकद बरामद हुए।
नौकरी के नाम पर पांच लाख रुपये की बातचीत का दावा
पुलिस की पूछताछ के अनुसार, सत्यप्रकाश ने बताया कि नौकरी दिलाने के नाम पर पैसा लेकर उसने रमेश चंद्र पटेल को दिया था। वहीं रमेश चंद्र पटेल ने कथित तौर पर बताया कि बृजेश कुमार यादव की नौकरी के लिए उसने अनूप कुमार पटेल और पंकज श्रीवास्तव से बातचीत की थी और वह इनके साथ मिलकर काम करता था।
पुलिस के मुताबिक, बृजेश की नौकरी के लिए पांच लाख रुपये में बातचीत हुई थी। इसमें रमेश चंद्र को एक लाख रुपये कमीशन मिलने की बात सामने आई। पुलिस के अनुसार, बरामद 50 हजार रुपये इसी रकम में से सत्यप्रकाश को देने के लिए रखे गए थे।
हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि विवेचना और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगी।
चार मोबाइल और चार सिम समेत यह सामान बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से निम्न सामान बरामद किया है—
- चार मोबाइल फोन और चार सिम कार्ड
- 13 मार्कशीट और शैक्षणिक प्रमाणपत्र
- पांच ब्लैंक चेक और दो चेकबुक
- लैपटॉप सर्विस की एक रसीद
- एडमिट कार्ड की एक छायाप्रति
- आधार कार्ड की एक छायाप्रति
- बैंक ऑफ बड़ौदा की दो जमा पर्चियां
- दो पैन कार्ड
- दो एटीएम कार्ड
- दो ड्राइविंग लाइसेंस
- दो आधार कार्ड
- प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना कार्ड
- माध्यमिक शिक्षा परिषद का एक परिचय पत्र
- एक पॉकेट डायरी
- दो चाभी गुच्छे
- इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का रैपर
- 50,000 रुपये नकद
प्रतियोगी परीक्षाओं में अनुचित साधनों पर पुलिस की नजर
पुलिस के अनुसार, प्रदेश में आयोजित होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं में कुछ लोग इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों और ब्लूटूथ जैसी तकनीक का इस्तेमाल कर अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाकर धन अर्जित करने का प्रयास कर रहे हैं। UPSSSC की स्नातक स्तरीय मुख्य परीक्षा को लेकर भी संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही थी।
इसी क्रम में मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर 23 अगस्त को दयानंद कन्या इंटर कॉलेज में कार्रवाई की गई। पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और ऐसे मामलों में उनकी संभावित भूमिका की भी जांच की जा रही है।
दो अन्य वांछितों की तलाश जारी
मामले में दो अन्य वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम प्रयास कर रही है। थाना महानगर में दर्ज मु0अ0सं0 157/2026 में विवेचना के दौरान धाराओं में भी बढ़ोतरी की गई है। मामले में बीएनएस की धारा 61(2)/318(4) और उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम, 2024 की धारा 13(5) के तहत कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार दोनों आरोपियों का आपराधिक इतिहास इसी मामले से संबंधित दर्ज है। बरामद मोबाइल, सिम, दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक सामग्री और रकम को जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है। पुलिस अब इस नेटवर्क के अन्य संभावित सदस्यों और परीक्षा में अनुचित साधनों के जरिए अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाने की पूरी श्रृंखला की पड़ताल कर रही है।
गिरफ्तारी करने वाली टीम
कार्रवाई में थाना महानगर कमिश्नरेट लखनऊ के उपनिरीक्षक राजू कृष्ण सिंह, राजेंद्र प्रसाद, दीपक कुमार बिंद और कांस्टेबल अमन कुमार शामिल रहे। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
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