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लखनऊ में मदरसा संचालक की हत्या की साजिश का खुलासा, छह गिरफ्तार

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प्रॉपर्टी हड़पने के लिए दो लाख रुपये की सुपारी देने का आरोप, चोरी की बाइक, पिस्टल और पांच कारतूस बरामद

लखनऊ। हजरतगंज पुलिस ने मदरसा संचालक की हत्या की कथित साजिश का खुलासा करते हुए गिरोह के सरगना समेत छह आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, हत्या की साजिश मदरसा और उससे जुड़ी संपत्ति पर कब्जा करने के उद्देश्य से रची गई थी। आरोपितों ने कथित तौर पर दो लाख रुपये में हत्या की सुपारी तय की थी। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से एक अवैध पिस्टल, पांच जिंदा कारतूस और चोरी की पैशन प्लस मोटरसाइकिल बरामद की है।

पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई हजरतगंज थाने की पुलिस और सर्विलांस सेल मध्य जोन की संयुक्त टीम ने की। मामले में शुरुआत 18 अगस्त को हुई, जब पुलिस ने चोरी की मोटरसाइकिल से घूम रहे दो संदिग्धों को अवैध पिस्टल और कारतूस के साथ पकड़ा। पूछताछ में कथित हत्या की साजिश की परतें खुलती चली गईं और पुलिस ने जांच के आधार पर चार अन्य आरोपितों को भी गिरफ्तार कर लिया।

चोरी की बाइक और हथियार के साथ दो गिरफ्तार

पुलिस के अनुसार, 18 अगस्त 2026 को हजरतगंज पुलिस टीम ने मोहम्मद शाहिद और मोहम्मद जमीर को गिरफ्तार किया था। दोनों के कब्जे से एक चोरी की मोटरसाइकिल, एक अवैध पिस्टल और पांच जिंदा कारतूस बरामद हुए थे।

पूछताछ में दोनों ने पुलिस को बताया कि उन्हें एक व्यक्ति की हत्या के लिए अमन कुरैशी ने कथित तौर पर दो लाख रुपये की सुपारी दी थी। उनके मुताबिक, हत्या के लिए इस्तेमाल की जाने वाली पिस्टल और कारतूस भी अमन ने उपलब्ध कराए थे। दोनों ने पुलिस को यह भी बताया कि जिस व्यक्ति की हत्या की जानी थी, उसकी फोटो उन्हें दिखाई गई थी और उसके आने-जाने की जानकारी जुटाकर रेकी की जा रही थी।

पुलिस के अनुसार, आरोपितों ने बताया कि लक्ष्य इरफान अहमद रिजवी था, जो रिवेरा कॉलोनी में रहता है और शाम के समय जिम जाता है। हत्या की योजना के तहत आरोपित इलाके में पहुंचे थे, लेकिन स्थानीय लोगों की सक्रियता के कारण वे पकड़ लिए गए।

इंदिरानगर मेट्रो स्टेशन के पास से चुराई बाइक

पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि वारदात के लिए इस्तेमाल की जा रही पैशन प्लस मोटरसाइकिल इंदिरानगर मेट्रो स्टेशन के पास से चोरी की गई थी। पुलिस ने यह बाइक बरामद कर ली है। बाइक का पंजीकरण नंबर UP32QY8163 बताया गया है।

पुलिस के मुताबिक, इस बाइक की चोरी के संबंध में गाजीपुर थाने में भी मुकदमा दर्ज है। आरोपितों ने कथित तौर पर चोरी की बाइक का इस्तेमाल रेकी और हत्या की तैयारी के दौरान किया ताकि सीधे तौर पर इस्तेमाल किए जाने वाले वाहन से उनकी पहचान न हो सके।

अमन कुरैशी को पुलिस ने लक्ष्मण मेला पार्क से पकड़ा

शाहिद और जमीर से पूछताछ के बाद पुलिस को अमन कुरैशी के बारे में जानकारी मिली। उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस उपायुक्त, मध्य जोन के निर्देशन में हजरतगंज थाना और सर्विलांस सेल मध्य जोन की पांच टीमें गठित की गईं।

पुलिस के अनुसार, सुरागरसी, पतारसी और सर्विलांस की मदद से अमन कुरैशी को 21 अगस्त 2026 को लक्ष्मण मेला पार्क के अंदर से रात करीब 2:15 बजे गिरफ्तार किया गया।

पूछताछ में अमन ने कथित तौर पर बताया कि चौक निवासी अधिवक्ता सोहैल अहमद सिद्दीकी और फरहान सिद्दीकी ने उससे इरफान अहमद को जान से मारने के लिए लड़कों की व्यवस्था करने को कहा था। इसके बाद उसने शाहिद और जमीर को दोनों से मिलवाया।

मोबाइल के बजाय की-पैड फोन और अलग सिम देने की बात

पुलिस के अनुसार, अमन ने पूछताछ में बताया कि सोहैल सिद्दीकी ने अपने मोबाइल में इरफान अहमद रिजवी की फोटो दिखाई थी और पहचान के लिए उसकी फोटो भी उपलब्ध कराई थी। कथित तौर पर आरोपितों को मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करने की हिदायत दी गई थी।

पुलिस के मुताबिक, हत्या की साजिश को अंजाम देने के लिए चोरी की मोटरसाइकिल के अलावा एक अलग की-पैड मोबाइल फोन और सिम उपलब्ध कराया गया था। जांच के अनुसार, इसका उद्देश्य घटना के बाद संपर्क और पहचान को लेकर पुलिस से बचने की कोशिश करना था।

अमन के पास से दो फोटो भी मिलने की बात पुलिस ने कही है। पुलिस के अनुसार, ये फोटो इरफान अहमद की थीं और उसे हत्या के लिए चिन्हित करने के उद्देश्य से दी गई थीं।

करीब एक महीने से चल रही थी हत्या की कथित तैयारी

पुलिस के मुताबिक, अमन ने पूछताछ में बताया कि इरफान अहमद की संपत्ति को लेकर हत्या की योजना करीब एक महीने पहले से तैयार की जा रही थी। योजना के तहत पिस्टल और कारतूस शाहिद और जमीर को दिए गए थे।

पुलिस के अनुसार, अमन ने यह भी बताया कि चोरी की मोटरसाइकिल उसने शाहिद और जमीर के साथ मिलकर इंदिरानगर मेट्रो स्टेशन के पास से चोरी की थी। बाद में शाहिद और जमीर के पकड़े जाने की जानकारी मिलने पर अमन वहां से निकल गया और उसने सोहैल सिद्दीकी तथा फरहान सिद्दीकी को फोन पर इसकी जानकारी दी। इसके बाद उसे कैसरबाग में मिलने के लिए बुलाया गया था।

तीन अन्य आरोपित बैकुंठ धाम बंधा रोड के पास से गिरफ्तार

मामले की जांच के दौरान पुलिस के सामने तीन और नाम आए—सोहैल अहमद सिद्दीकी, मोहम्मद फरहान सिद्दीकी और बिलाल हाशमी।

पुलिस के अनुसार, तीनों को 21 अगस्त 2026 को सुबह करीब 10:45 बजे बैकुंठ धाम बंधा रोड के नीचे बने मंदिर के पास से गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में इन तीनों की कथित भूमिका और हत्या की साजिश से जुड़े अन्य तथ्य सामने आए हैं।

मदरसे के मैनेजर पर भी साजिश में शामिल होने का आरोप

पुलिस के मुताबिक, जांच में सामने आया कि बिलाल हाशमी मदरसा जामिया अलनूर अल सलामिया, मकबूल नगर फरीदीपुर का मैनेजर है और प्रॉपर्टी डीलिंग का काम भी करता है। पुलिस का दावा है कि मदरसे से संबंधित दस्तावेज उसके पास रहते थे और उसे इरफान अहमद की संपत्तियों की जानकारी थी।

जांच के अनुसार, सोहैल अहमद सिद्दीकी और फरहान सिद्दीकी पेशे से अधिवक्ता हैं और बिलाल हाशमी उनका क्लाइंट भी बताया गया है। पुलिस का आरोप है कि इरफान अहमद की संपत्ति और मदरसे की संपत्ति पर कब्जे के उद्देश्य से हत्या की साजिश रची गई।

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में यह बात भी सामने आई कि इरफान अहमद की बेटियां हैं और उनकी शादी हो चुकी है। आरोपितों ने कथित तौर पर इसी परिस्थिति को संपत्ति अपने नाम कराने के लिए आसान रास्ता मानते हुए हत्या की योजना बनाई थी। हालांकि, संपत्ति के वास्तविक स्वामित्व और वारिसों से जुड़े पहलुओं की पुष्टि जांच के दौरान की जानी है।

छह आरोपित गिरफ्तार

पुलिस ने इस मामले में जिन छह आरोपितों की गिरफ्तारी बताई है, उनमें:

  1. अमन कुरैशी पुत्र अब्दुल रसीद उर्फ बब्लू, निवासी चरही चमन मस्जिद के पीछे, थाना सहादतगंज, लखनऊ।
  2. सोहैल अहमद सिद्दीकी पुत्र जुनैद अहमद, निवासी पुलगामा, चौक, लखनऊ।
  3. मोहम्मद फरहान सिद्दीकी पुत्र स्वर्गीय गुलाम मोहम्मद, निवासी चढ़ाई माहू लाल, चौक, लखनऊ।
  4. बिलाल हाशमी पुत्र स्वर्गीय मोहम्मद मुजतबा हाशमी, निवासी न्यू फरीदीपुर भूहर, दुबग्गा, थाना ठाकुरगंज, लखनऊ।
  5. मोहम्मद शाहिद पुत्र मोहम्मद मुख्तार, निवासी चोर घाटी खन्ना की तकिया, कैंपबेल रोड, थाना सहादतगंज, लखनऊ।
  6. मोहम्मद जमीर पुत्र मोहम्मद हसनैन, निवासी कोड़े वाली गली, पाटा नाला, थाना चौक, लखनऊ।

ये हुई बरामदगी

पुलिस के अनुसार आरोपितों के कब्जे से:

  • एक अवैध पिस्टल मय मैगजीन
  • पांच जिंदा कारतूस
  • चोरी की एक पैशन प्लस मोटरसाइकिल, रजिस्ट्रेशन नंबर UP32QY8163

बरामद की गई है।

पुलिस के अनुसार मोटरसाइकिल चोरी के संबंध में थाना गाजीपुर, लखनऊ में मुकदमा संख्या 265/26, धारा 303(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज है।

हजरतगंज थाने में दर्ज हुआ मुकदमा

इस मामले में हजरतगंज थाने में मुकदमा संख्या 176/26 दर्ज किया गया है। पुलिस दस्तावेज के अनुसार इसमें बीएनएस की धाराएं 3(5), 303(2), 317(2), 61(2)(क), 62 और 308(6) तथा आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 लगाई गई हैं।

पुलिस के अनुसार शाहिद और जमीर को 19 अगस्त को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया था, जहां से दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। अन्य गिरफ्तार आरोपितों को भी न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा।

पांच पुलिस टीमें लगाई गई थीं

फरार अमन कुरैशी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस उपायुक्त, मध्य जोन के निर्देशन में हजरतगंज थाना और सर्विलांस सेल मध्य जोन की पांच संयुक्त टीमें गठित की गई थीं। पुलिस का कहना है कि सर्विलांस और स्थानीय स्तर पर की गई जांच के आधार पर अमन की गिरफ्तारी संभव हुई।

कार्रवाई में हजरतगंज थाने के उपनिरीक्षक विकास कुमार सिंह, मधुकर सिंह, शिवम पांडेय, अंकित बालियान, मनीष मिश्रा, अभिषेक तिवारी तथा पुलिसकर्मी अनुराग त्रिवेदी और अंसार अहमद शामिल रहे। सर्विलांस टीम में उपनिरीक्षक अभिनेन्द्र सिंह के साथ हेड कांस्टेबल आशीष मिश्रा, आशीष सिंह, अभिनेन्द्र सिंह तथा कांस्टेबल बलवंत और जीतेश यादव शामिल रहे।

पुलिस के अनुसार, पूरे मामले की जांच जारी है। हत्या की कथित साजिश में आरोपितों की भूमिकाओं, संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों, आर्थिक लेनदेन और अन्य संभावित सहयोगियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

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