लखनऊ। भारत सरकार की इथेनॉल मिश्रित (Ethanol Blended) पेट्रोल नीति को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक जानकारियों और वाहनों में आ रही तकनीकी समस्याओं की शिकायतों के बीच लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट की क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ‘ऑपरेशन एथेनॉल शील्ड’ के तहत पेट्रोल-डीजल में अवैध मिलावट, ईंधन चोरी और कालाबाजारी करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई के दौरान चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया तथा भारी मात्रा में पेट्रोल, डीजल, मिलावटी ईंधन, साल्वेंट और अन्य उपकरण बरामद किए गए।
भारत सरकार स्वच्छ ऊर्जा, ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के उपयोग को प्रोत्साहित कर रही है। हाल के दिनों में सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर नकारात्मक और भ्रामक प्रचार किया जा रहा था, जिसमें वाहनों के खराब होने का कारण इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को बताया जा रहा था।इसी को गंभीरता से लेते हुए पुलिस आयुक्त लखनऊ के निर्देशन तथा संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) के मार्गदर्शन में क्राइम ब्रांच ने “ऑपरेशन एथेनॉल शील्ड” शुरू किया। अभियान का उद्देश्य यह पता लगाना था कि कहीं वाहनों में आने वाली तकनीकी समस्याओं के पीछे पेट्रोल-डीजल में अवैध अपमिश्रण, ईंधन चोरी अथवा अवैध खरीद-फरोख्त जैसे आपराधिक कृत्य तो जिम्मेदार नहीं हैं।

अभियान के तहत गठित विशेष टीम ने जनपद लखनऊ में पेट्रोल-डीजल चोरी, अवैध भंडारण, अपमिश्रण और कालाबाजारी से जुड़े संगठित नेटवर्क के संबंध में सूचनाएं एकत्र कर उनका सत्यापन किया। इसी दौरान मिली विश्वसनीय सूचना के आधार पर अपर पुलिस उपायुक्त (अपराध) श्रीमती किरन यादव के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच की टीम ने थाना मलिहाबाद क्षेत्र के सन्यासी बाग फ्लाईओवर के निकट योजनाबद्ध तरीके से छापा मारा।छापेमारी के दौरान एक टैंकर UP-32-XN-3609 तथा एक अन्य वाहन UP-32-KB-5799 संदिग्ध अवस्था में मिले। प्रारंभिक जांच में पता चला कि संबंधित टैंकर हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) के अमौसी टर्मिनल से विधानसभा मार्ग स्थित शुभम फिलिंग स्टेशन के लिए पेट्रोल और डीजल लेकर निकला था, लेकिन रास्ते में निर्धारित मात्रा में ईंधन निकालकर उसकी अवैध बिक्री की जा रही थी।
पेट्रोल और डीजल में मिलावट की आशंका मिलने पर मौके पर आबकारी विभाग की टीम को बुलाया गया। संयुक्त जांच और परीक्षण के दौरान अवैध भंडारण और ईंधन में अपमिश्रण की पुष्टि हुई, जिसके बाद संयुक्त कार्रवाई की गई।कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 7,750 लीटर पेट्रोल, 4,000 लीटर डीजल, 23 प्लास्टिक कैनों में लगभग 1,150 लीटर मिलावटी पेट्रोल, 64 प्लास्टिक कैनों में लगभग 3,200 लीटर साल्वेंट बरामद किया। इसके अलावा एक प्लास्टिक पाइप, प्लास्टिक कीप, मास्टर चाबी, डिप रॉड, 5 लीटर का मापक और अन्य उपकरण भी जब्त किए गए।
निरीक्षण के दौरान टैंकर के पाइप और दूसरे चैम्बर से लगभग 250 लीटर पेट्रोल भी बरामद हुआ। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि टैंकर से ईंधन निकालने की प्रक्रिया मौके पर जारी थी और उसे अवैध रूप से संग्रहित कर उसमें साल्वेंट मिलाकर दोबारा बेचा जा रहा था।पूछताछ में टैंकर चालक रामतीर्थ ने बताया कि वह अमौसी स्थित तेल डिपो से पेट्रोल और डीजल लेकर निर्धारित पेट्रोल पंप के लिए निकलता था, लेकिन रास्ते में टैंकर से पेट्रोल निकालकर अनिल कुमार को 75 रुपये प्रति लीटर की दर से बेच देता था।
वहीं मुख्य आरोपी अनिल कुमार ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह विभिन्न टैंकर चालकों से मिलीभगत कर पेट्रोल और डीजल खरीदता था तथा उसमें साल्वेंट मिलाकर स्थानीय ग्राहकों को अधिक कीमत पर बेचकर अवैध लाभ कमाता था। इस पूरे अवैध कारोबार में अभिषेक राजपूत और धीरज सिंह उसकी मदद करते थे।जांच के दौरान टैंकर के प्रथम और द्वितीय चैम्बर में कुल 250 लीटर पेट्रोल कम पाया गया, जिससे ईंधन चोरी की पुष्टि हुई। पुलिस ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपी
अनिल कुमार (36 वर्ष), निवासी ग्राम कनार, सन्यासी बाग, थाना मलिहाबाद, लखनऊ।
अभिषेक राजपूत (25 वर्ष), निवासी बरगद तला हाता करामत उल्ला, थाना काकोरी, लखनऊ।
धीरज सिंह (33 वर्ष), निवासी ग्राम पिलखना, थाना हसनगंज, जनपद उन्नाव।
रामतीर्थ (35 वर्ष), निवासी ग्राम भानापुर मजरा आबिदपुर, थाना नौनार, जनपद हरदोई।
गिरफ्तारी 12 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 1:30 बजे लखनऊ-हरदोई राजमार्ग स्थित सन्यासी बाग फ्लाईओवर के निकट गुलाबखेड़ा (कनार) रोड पर स्थित एक मकान से की गई।

बरामदगी
एक टैंकर संख्या UP-32-XN-3609
एक वाहन संख्या UP-32-KB-5799
7,750 लीटर पेट्रोल
4,000 लीटर डीजल
लगभग 1,150 लीटर मिलावटी पेट्रोल
लगभग 3,200 लीटर साल्वेंट
टैंकर के पाइप एवं द्वितीय चैम्बर से लगभग 250 लीटर पेट्रोल
मास्टर चाबी
डिप रॉड
प्लास्टिक पाइप
प्लास्टिक कीप
5 लीटर का मापक
अन्य उपकरण
ऐसे संगठित गिरोहों के विरुद्ध सख्त और निरंतर कार्रवाई जारी रखेगी
अपर पुलिस उपायुक्त (अपराध) किरन यादव ने बताया कि ‘ऑपरेशन एथेनॉल शील्ड’ का उद्देश्य पेट्रोल-डीजल में अवैध अपमिश्रण, ईंधन चोरी और कालाबाजारी जैसे संगठित अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाना है। उन्होंने कहा कि ऐसे अपराध आम नागरिकों के आर्थिक हितों और वाहनों की सुरक्षा को प्रभावित करने के साथ-साथ भारत सरकार की इथेनॉल मिश्रित ईंधन नीति को लेकर भ्रम भी पैदा करते हैं। लखनऊ पुलिस भविष्य में भी ऐसे संगठित गिरोहों के विरुद्ध सख्त और निरंतर कार्रवाई जारी रखेगी।
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