होमउप्र न्यूज़यूपी सरकार का बड़ा फैसला: सभी जिला पंचायत अध्यक्ष बने प्रशासक, नई...

यूपी सरकार का बड़ा फैसला: सभी जिला पंचायत अध्यक्ष बने प्रशासक, नई व्यवस्था लागू

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को नई जिला पंचायतों के गठन तक निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्षों को प्रशासक के रुप में नियुक्त करने का फैसला लिया है। इन सभी का पांच वर्षीय कार्यकाल 11 जुलाई (शनिवार) को समाप्त हो रहा है। इसकाे देखते हुए शासन ने यह निर्णय किया है। इससे पहले सरकार की ओर से प्रधानों को ग्राम पंचायतों में प्रशासक की भूमिका में तैनात किया गया था। हालांकि, मामले को कोर्ट में चुनौती दे दी गई। कानूनी पेंच प्रक्रिया में फंसा हुआ है।

आज सभी जिलाें के जिला पंचायत अध्यक्षों का खत्म हो रहा कार्यकाल

इस संबंध में पंचायती राज विभाग के प्रमुख सचिव पंचायती राज अनिल कुमार ने शुक्रवार को जिला पंचायत अध्यक्षों को प्रशासक के रूप में नियुक्त किए जाने का आदेश पत्र जारी किया है। सभी जिलों के जिला पंचायत अध्यक्षों का कार्यकाल शनिवार को समाप्त हो रहा है। इसको ध्यान में रखते हुए सरकार ने उन्हें प्रशासक बनाने का फैसला लिया है।

इससे क्षेत्र में उनकी अहमियत बनी रहेगी

सरकार की ओर से जारी शासनादेश में साफ किया गया है कि जिला पंचायत अध्यक्ष बने प्रशासक कोई बड़ा नीतिगत फैसला नहीं ले सकेंगे। हालांकि, जिला पंचायत के नियमित तौर पर चलने वाले विकास कार्य, प्रशासनिक संचालन और योजनाओं को लेकर वे निर्णय ले पाएंगे। इससे क्षेत्र में उनकी अहमियत बनी रहेगी।

राज्य सरकार ने नियम में बदलाव किया

उल्लेखनीय है कि जिला पंचायत अध्यक्ष का कार्यकाल खत्म होने के बाद अब तक जिले के जिलाधिकारी ही प्रशासक की भूमिका में तैनात होते थे और जिला पंचायतों के कामकाज को प्रशासक के तौर पर देखते थे। हालांकि राज्य सरकार ने नियम में बदलाव किया और जिला पंचायत अध्यक्षों को ही प्रशासक बनाने का निर्णय किया है।

यह भी पढ़े : ‘हनुमानगढ़ी में नमाज पढ़वाने वालों से पूछो, क्या जामा मस्जिद में हनुमान चालीसा कराएंगे?’

यह भी पढ़े : यूपी में देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 20 IAS अफसरों के तबादले, कई जिलों के CDO बदले

यह भी पढ़े : योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला: शाहजहांपुर का जलालाबाद अब ‘परशुरामपुरी’ के नाम से जाना जाएगा

यह भी पढ़े : ‘ससुराल से मिला गिफ्ट’ या काली कमाई का खेल? 35 करोड़ की संपत्ति मामले में रिटायर्ड एआरटीओ पर विजिलेंस का शिकंजा कसता

यह भी पढ़े : ‘तबादलों का खेल या नियमों की अनदेखी?’ सचिवालय में जमे अफसरों को लेकर उठे सवाल

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments