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‘तबादलों का खेल या नियमों की अनदेखी?’ सचिवालय में जमे अफसरों को लेकर उठे सवाल

कर्मवीर, लखनऊ। उत्तर प्रदेश सचिवालय में इन दिनों तबादलों की चर्चा से ज्यादा चर्चा उन चेहरों की है, जिन पर तबादलों का कोई असर पड़ता ही नहीं। बरसात का मौसम है, फाइलें भीग रही हैं, आदेश निकल रहे हैं, लेकिन कुछ कुर्सियां ऐसी हैं जिन पर बैठे अफसरों की पकड़ मौसम विभाग के पूर्वानुमान से भी ज्यादा स्थिर दिखाई देती है।

नियमावली में अधिकारियों की ए, बी और सी श्रेणी का स्पष्ट उल्लेख

सचिवालय प्रशासन की नियमावली में अधिकारियों की ए, बी और सी श्रेणी का स्पष्ट उल्लेख है। नियम यह भी बताते हैं कि एक ही विभाग में लंबे समय तक जमे रहने या तत्काल वापसी पर सीमाएं हैं। लेकिन सचिवालय के गलियारों में चर्चा है कि कुछ मामलों में नियमों की व्याख्या इतनी लचीली हो जाती है कि तबादले भी केवल औपचारिकता बनकर रह जाते हैं।

इन विभाग के कुछ अधिकारियों के लिए जा रहे नाम

चर्चाओं में आवास, स्वास्थ्य और नगर विकास जैसे विभागों के कुछ अधिकारियों के नाम लिए जा रहे हैं। सवाल यह उठ रहा है कि क्या इन अधिकारियों की प्रशासनिक दक्षता इतनी असाधारण है कि हर बार महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां इन्हीं के हिस्से आती हैं, या फिर इसके पीछे कोई और कारण है? यह सवाल विपक्ष ही नहीं, सत्ता के गलियारों में भी फुसफुसाहट बनकर सुनाई दे रहा है।एक अन्य चर्चा उन अधिकारियों को लेकर भी है, जो एक विभाग से दूसरे विभाग में पहुंचने के बाद भी प्रभावशाली पदों पर बने रहते हैं। आलोचकों का कहना है कि यदि पारदर्शिता और समान अवसर की बात की जाती है तो तबादला नीति और नियुक्तियों पर भी वही कसौटी लागू होनी चाहिए।

सत्ता के गलियारों में भी “पोस्टिंग की बारिश” जारी

सचिवालय के गलियारों में यह भी कहा जा रहा है कि बारिश केवल बाहर ही नहीं हो रही, बल्कि सत्ता के गलियारों में भी “पोस्टिंग की बारिश” जारी है। फर्क सिर्फ इतना है कि कुछ अधिकारी हर मौसम में छतरी लेकर चलते दिखाई देते हैं, जबकि बाकी भीगते रहते हैं।फिलहाल ये तमाम चर्चाएं और दावे स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हैं। यदि नियमों के पालन या नियुक्तियों को लेकर कोई प्रश्न उठते हैं, तो उनका जवाब संबंधित विभाग और सरकार ही दे सकती है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रशासनिक फेरबदल केवल फाइलों तक सीमित रहते हैं या व्यवस्था में पारदर्शिता को लेकर उठ रहे सवालों का भी कोई स्पष्ट जवाब सामने आता है।

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