लखनऊ। केन्द्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गड़करी ने सोमवार को लखनऊ कानपुर एक्सप्रेसवे का लोकार्पण करने के बाद आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि हवा में उड़ने वाली बस लाने वाला हूँ। पानी में उतरने वाला हवाई जहाज भी मैं लाया था। उन्होंने कहा कि जो-जो बात मैं कहूंगा उसे पूरा करके दिखाउंगा। राजनीति में मैंने झूठा आश्वासन नहीं दिया है। हम इस देश के विकास के लिए कृतसंकल्प है।
नितिन गड़करी ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का ह्रदय है। अगर उत्तर प्रदेश समृद्ध होगा तो हिन्दुस्थान की भी तरक्की होगी। योगी के शासन से पहले उत्तर प्रदेश के विकास की गति बहुत धीमी थी। योगी ने गुंडा राज को समाप्त करके दिखाया। किसी भी देश व राज्य के विकास में इन्फ्रास्ट्रक्चर सबसे महत्वपूर्ण होता है। उत्तर प्रदेश में इन्फ्रास्ट्रकचर को प्राथमिकता मिली। आज बदलते उत्तर प्रदेश की तस्वीर सब लोग देख रहे हैं। मैं पहली बार जब योगी के साथ आया था तब कई घोषणाएं की थी। आने वाले दो साल में प्रदेश में पांच लाख करोड़ के काम होंगे।
लखनऊ का यह फ्लाईओवर विश्व के आकर्षण का केन्द्र बनेगा
नितिन गड़करी ने कहा कि लखनऊ में तीन मंजिला फ्लाईओवर का शिलान्यास दिसम्बर 2026 में होगा। उन्होंने कहा कि लखनऊ का यह फ्लाईओवर विश्व के आकर्षण का केन्द्र बनेगा। इसमें हम मास थेरेपी ट्रान्सपोर्ट सिस्टम तैयार करके दूंगा। जिसमें एक कोने से दूसरे 25 कोने कब पहुंचा यह पता नहीं चलेगा।केन्द्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री ने कहा कि भारत दुनिया की तीसरी शक्ति बनेगी। भारत के महामार्ग अमेरिका के बराबर बनेंगे। हम एक के बाद एक ऐसे महामार्ग बना रहे हैं। बदलते उत्तर प्रदेश की तस्वीर उत्तर प्रदेश को सुखी समृद्ध संपन्न व शक्तिशाली राज्य बनायेगी। विकसित भारत में उत्तर प्रदेश की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।

कानपुर से लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचने में मात्र 25 मिनट लगेंगे
उन्होंने कहा कि विश्व स्तरीय तकनीक से बना यह लखनऊ कानपुर एक्सप्रेस-वे सुरक्षा और रफ्तार का बेजोड़ उदाहरण है। कानपुर से लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचने में मात्र 25 मिनट लगेंगे। गडकरी ने वादा किया कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश का रोड नेटवर्क दुनिया के सबसे विकसित देशों के समकक्ष खड़ा होगा। नितिन गड़करी ने कहा कि वाराणसी रोप वे इसी साल पूरा होगा। प्रयागराज रोपवे का काम जल्द शुरू होगा और वृन्दावन रोपवे का काम भी इसी साल शुरू किया जायेगा।
यह उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था की नई लाइफलाइन
उद्घाटन समारोह के दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह एक्सप्रेस-वे केवल एक सड़क नहीं है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था की नई लाइफलाइन है। उन्होंने जोर देकर कहा कि एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर औद्योगिक गलियारे विकसित किए जा रहे हैं, जिससे उन्नाव के युवाओं को स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर मिलेंगे। इस अवसर पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, एमएलसी मुकेश शर्मा, कानपुर सांसद रमेश अवस्थी, साक्षी महाराज, श्रीकांत कटियार, पंकज गुप्ता, शकुन सिंह, बम्बालक दिवाकर, बृजेश रावत, अनुराग अवस्थी, आदि लोग उपस्थित रहे।
योगी का बड़ा ऐलान: हर शहर को मिलेगा बाईपास, सभी जिला मुख्यालय फोरलेन से जुड़ेंगे
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में उत्तर व दक्षिण जिलों में विकास की नई बयार बहेगी। इन जिलों को बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से जोड़ने की योजना को स्वीकृति मिल गई है। इसके साथ ही 05 लाख की आबादी वाले हर शहर में एक बाईपास होगा और हर जिला मुख्यालय फोरलेन से जुड़ेगा। इस योजना पर भी केंद्र सरकार की स्वीकृति मिल गई है। कुल मिलाकर करीब 60 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी मिली है।

4,850 करोड़ से अधिक लागत की तीन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का शिलान्यास किया
मुख्यमंत्री सोमवार को लखनऊ में राजमार्ग परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह व केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी संग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 4,850 करोड़ रुपये से अधिक लागत की तीन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। लोकार्पण में कानपुर-लखनऊ सिक्स-लेन एक्सप्रेसवे का निर्माण व हरदोई लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग (पैकेज-4) का फोर-लेन निर्माण और शिलान्यास में इंजीनियरिंग कॉलेज चौहारे पर फोर-लेन फ्लाईओवर का निर्माण कार्य शामिल है। इससे पहले उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह व केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ उन्नाव में कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे का फीता खोलकर उद्घाटन किया।
लगभग 60 हजार करोड़ की नई परियोजनाओं को स्वीकृति
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने उत्तर प्रदेश की सड़कों व इंफ्रास्ट्रक्चर की समीक्षा की। इस दौरान उत्तर प्रदेश को लगभग 60 हजार करोड़ रुपये की नई परियोजनाओं को सहमति व स्वीकृति मिली है। पूर्व से पश्चिम तक हमारे पास बेहतरीन कनेक्टिविटी हो गई है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे इसमें मुख्य हैं। अब उत्तर से दक्षिण की कनेक्टिविटी के लिए कुछ नए क्षेत्र चिह्नित किए गए हैं। इसके साथ ही 5 लाख की आबादी वाले हर शहर में एक बाईपास और हर जिला मुख्यालय को फोर-लेन से जोड़ने की योजना पर भी केंद्रीय मंत्री की स्वीकृति मिल गई है।
उत्तर प्रदेश को मिली नई पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस राज्य में सड़क और गड्ढे में अंतर का पता नहीं चलता था, वह आज सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे का नेतृत्व कर रहा है। यूपी अब सबसे बड़े रेल नेटवर्क, सबसे ज्यादा सिटी में मेट्रो और सबसे अधिक एयरपोर्ट का संचालन कर रहा है। यही नए उत्तर प्रदेश की पहचान है।

एससीआर को मिलेगा बड़ा फायदा
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की पहली रैपिड रेल दिल्ली-मेरठ के बीच शुरू हो चुकी है। आज प्रदेश के दो मेट्रोपॉलिटन सिटी लखनऊ व कानपुर ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे के जरिये कनेक्टिविटी को बढ़ा रहे हैं। यह लखनऊ के आसपास स्टेट कैपिटल रीजन (एससीआर) के जनपद बाराबंकी, सीतापुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली को जोड़कर भारत की अर्थव्यवस्था के ग्रोथ इंजन के रुप में स्थापित करने के प्रयास का हिस्सा है।
कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, यूपी विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, केशव प्रसाद मौर्य, मंत्री राकेश सचान, राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा समेत भाजपा के वरिष्ठ नेता व अन्य गणमान्य उपस्थित रहे
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