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25 सेकंड में दहशत का खेल, टेंट व्यापारी और बेटे की हत्या, बदले की आग में हिस्ट्रीशीटर की भी मौत

बागपतउत्तर प्रदेश के बागपत जिले का बड़ौत कस्बा मंगलवार शाम उस समय गोलियों की आवाज से थर्रा उठा, जब दिल्ली बस स्टैंड के पास स्थित एक टेंट और कन्फेक्शनरी की दुकान में घुसकर बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। कुछ ही सेकंड में एक हंसता-खेलता परिवार उजड़ गया।

एक राहगीर भी गंभीर रूप से घायल हो गया

टेंट व्यापारी सोहनलाल (60) और उनके इकलौते बेटे विकास (28) की गोली मारकर हत्या कर दी गई, जबकि एक राहगीर भी गंभीर रूप से घायल हो गया।यह पूरी वारदात इतनी तेज और सुनियोजित थी कि महज 25 सेकंड के भीतर दो जिंदगियां खत्म कर दी गईं और बदमाश मौके से फरार होने लगे।

दोपहर की शांति में अचानक गूंजी गोलियों की आवाज

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शाम करीब 5:50 बजे दिल्ली बस स्टैंड के पास सामान्य चहल-पहल थी। दुकानों पर ग्राहक मौजूद थे, सड़क पर वाहनों की आवाजाही चल रही थी। तभी अचानक दो बाइकों पर सवार होकर पांच से छह हथियारबंद बदमाश पहुंचे।बिना किसी चेतावनी के वे सीधे सोहनलाल की दुकान में घुस गए और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। गोलियों की आवाज से पूरा इलाका गूंज उठा और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।

पिता को बचाने दौड़ा बेटा, खुद बन गया निशाना

बताया जा रहा है कि जैसे ही हमलावरों ने सोहनलाल पर गोली चलाई, वह मौके पर ही गिर पड़े। उनके बेटे विकास ने जब यह देखा तो वह बाहर की ओर भागकर अपने पिता को बचाने की कोशिश करने लगा।लेकिन बदमाशों ने उसे भी नहीं छोड़ा। दुकान के बाहर ही उसे गोली मार दी गई। कुछ ही पलों में पिता और पुत्र दोनों खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़े।

25 सेकंड का मौत का खेल, CCTV में कैद पूरी वारदात

इस सनसनीखेज वारदात की पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। फुटेज में साफ दिख रहा है कि शाम 5:50:30 पर बदमाश दुकान में दाखिल होते हैं और फायरिंग शुरू कर देते हैं। महज 5:50:55 तक दोनों आरोपी बाहर निकलकर फरार हो जाते हैं।यानी पूरी वारदात को अंजाम देने में उन्हें आधे मिनट से भी कम समय लगा।

भीड़ ने पकड़ा एक हमलावर, सड़क पर मचा हंगामा

फायरिंग की आवाज सुनकर आसपास के दुकानदार और राहगीर मौके पर पहुंचे। उन्होंने भाग रहे बदमाशों को घेरने की कोशिश की। इस दौरान एक हमलावर को लोगों ने पकड़ लिया और उसकी जमकर पिटाई कर दी।बाद में पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उसे भीड़ से छुड़ाया और अस्पताल भिजवाया, जहां उसकी मौत हो गई।

पुरानी रंजिश और बदले की आग बनी वजह

पुलिस जांच में सामने आया कि इस पूरी वारदात की जड़ करीब एक दशक पुरानी रंजिश है। मुख्य आरोपी हिस्ट्रीशीटर वरुण लुहारी बताया गया है, जिसके परिवार से मृतक पक्ष का पुराना विवाद चल रहा था।सूत्रों के अनुसार, लगभग 10 साल पहले वरुण के भाई कपिल की हत्या हुई थी। उसी हत्या की रंजिश में यह पूरा घटनाक्रम आगे बढ़ता चला गया। समय के साथ दुश्मनी और गहरी होती गई।वरुण लुहारी पर पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज थे, जिनमें रंगदारी मांगने और मारपीट जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।

योजना बनाकर दिया गया घटना को अंजाम

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी पूरी तैयारी के साथ आए थे। पहले से रेकी की गई थी और समय तय कर वारदात को अंजाम दिया गया। बदमाशों का मकसद साफ था—सोहनलाल और उनके परिवार को खत्म करना।पुलिस सूत्रों के मुताबिक, वरुण कुछ समय से हरिद्वार में रह रहा था और मंगलवार को किसी अदालती तारीख पर बागपत आया था। इसी दौरान उसने अपने साथियों को बुलाकर इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया।

पुराने विवाद की लंबी फेहरिस्त

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह विवाद नया नहीं था। 2016 में भी दोनों पक्षों के बीच मारपीट और गोलीबारी की घटनाएं हो चुकी थीं। उस दौरान भी मामला गंभीर हो गया था और दोनों ओर से जान-माल का नुकसान हुआ था।कई बार समझौते की कोशिशें हुईं, लेकिन रंजिश कम नहीं हुई। अंततः वही पुरानी दुश्मनी एक बार फिर खूनखराबे में बदल गई।

इलाके में तनाव, बाजार बंद और सड़क जाम

घटना के बाद पूरे बड़ौत कस्बे में तनाव फैल गया। व्यापारियों ने तुरंत बाजार बंद कर दिए और दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया।प्रदर्शन कर रहे व्यापारियों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और एनकाउंटर की मांग की। व्यापारियों का कहना था कि पहले से धमकी के बावजूद पीड़ित परिवार को सुरक्षा नहीं दी गई।

पुलिस की बड़ी कार्रवाई, कई टीमें गठित

पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कई थानों की टीमों, एसटीएफ और सर्विलांस यूनिट को जांच में लगाया है। सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय इनपुट के आधार पर अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही पूरे गिरोह को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और मामले की हर कड़ी को जोड़ा जाएगा।

एक परिवार उजड़ा, सवालों में व्यवस्था

इस घटना ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ दो लोगों की जान चली गई, दूसरी तरफ एक पूरा परिवार बिखर गया।सोहनलाल का घर अब मातम में डूबा है और विकास की दुनिया हमेशा के लिए खत्म हो गई है। वहीं, बदले की इस आग ने एक और कहानी जोड़ दी—जिसमें अपराधी भी मारा गया, लेकिन पीछे छोड़ गया डर, खौफ और टूटे हुए रिश्तों की एक दर्दनाक दास्तान।

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