उप्र न्यूज़देश प्रदेश

राम मंदिर चढ़ावा गबन प्रकरण: जांच के बीच अयोध्या पहुंचे नृपेंद्र मिश्र, दान विवाद पर साधी चुप्पी, कई सवाल बरकरार

अयोध्या राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई दान राशि के कथित गबन मामले ने नया मोड़ ले लिया है। एक ओर जहां चढ़ावे की रकम में हेरफेर और गबन के आरोपों को लेकर जांच जारी है, वहीं दूसरी ओर शनिवार को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र अयोध्या पहुंचे। उनके दौरे को लेकर उम्मीद की जा रही थी कि वह दान राशि से जुड़े विवाद पर कोई प्रतिक्रिया देंगे, लेकिन उन्होंने इस मामले पर टिप्पणी करने से साफ इनकार कर दिया।

महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर पत्रकारों ने जब उनसे राम मंदिर में चढ़ावे की राशि के कथित गबन मामले पर सवाल पूछा तो उन्होंने संक्षिप्त जवाब देते हुए कहा, “मैं केवल निर्माण कार्यों को देखता हूं और उसी संबंध में यहां आया हूं।” इसके बाद उन्होंने इस मुद्दे पर कोई अन्य टिप्पणी नहीं की।

दान राशि गबन मामले को लेकर बढ़ी चर्चा

राम मंदिर में चढ़ावे की राशि के कथित गबन को लेकर पिछले कुछ दिनों से चर्चाएं तेज हैं। सूत्रों के अनुसार, मंदिर में आने वाले चढ़ावे की गिनती के दौरान धनराशि में हेरफेर का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि यह खेल लंबे समय से चल रहा था और मार्च 2025 से कथित रूप से दान राशि में गड़बड़ी की घटनाएं सामने आने लगी थीं।

सूत्रों का दावा है कि 25 मार्च 2025 को पहली बार संदिग्ध गतिविधि का पता चला था, जिसके बाद कुछ लोगों पर नजर रखी गई। निगरानी के दौरान कथित रूप से यह सामने आया कि दान की गिनती के दौरान रकम को इधर-उधर कर गबन किया जा रहा था। बाद के महीनों में यह रकम बढ़ती चली गई।

हालांकि, पूरे मामले में अभी तक ट्रस्ट की ओर से कोई आधिकारिक विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है और न ही पुलिस में एफआईआर दर्ज कराए जाने की पुष्टि हुई है। यही कारण है कि मामले को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं।

सीसीटीवी निगरानी के बावजूद कैसे हुआ गबन?

राम मंदिर परिसर देश के सबसे सुरक्षित और निगरानी वाले धार्मिक स्थलों में से एक माना जाता है। मंदिर परिसर में जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं और सुरक्षा एजेंसियों की लगातार निगरानी रहती है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि दान राशि में वास्तव में हेरफेर हुआ है तो यह इतने लंबे समय तक कैसे चलता रहा।

मंदिर में प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं और दानपात्रों में बड़ी मात्रा में नकद राशि जमा होती है। चढ़ावे की गिनती के दौरान केवल कर्मचारियों ही नहीं, बल्कि संबंधित पदाधिकारियों और सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी भी रहती है। ऐसे में कथित गबन की घटनाओं की जानकारी किसी को न होना कई सवाल खड़े कर रहा है।

एफआईआर न होने पर उठ रहे सवाल

मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि दान राशि के गबन की पुष्टि हो चुकी है और कथित तौर पर कुछ रकम बरामद भी हुई है, तो अब तक पुलिस में एफआईआर क्यों नहीं दर्ज कराई गई। जानकारों का कहना है कि किसी भी वित्तीय अनियमितता या गबन की जांच और बरामदगी का अधिकार पुलिस तथा जांच एजेंसियों के पास होता है।

इसी वजह से विभिन्न स्तरों पर यह मांग उठ रही है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी या विशेष जांच दल (एसआईटी) से कराई जाए ताकि तथ्यों की पूरी तस्वीर सामने आ सके।

निर्माण कार्यों की समीक्षा करने पहुंचे थे नृपेंद्र मिश्र

दान विवाद से अलग नृपेंद्र मिश्र ने अपने अयोध्या दौरे के दौरान राम मंदिर परिसर में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों और विकास परियोजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र, गोपाल राव तथा मंदिर के मुख्य वास्तुकार आशीष सोमपुरा समेत कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।बैठक में मंदिर परिसर के शेष निर्माण कार्यों, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और भविष्य की परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई।

जांच के नतीजों पर टिकी निगाहें

राम मंदिर देश की आस्था और श्रद्धा का केंद्र है। ऐसे में चढ़ावे की राशि में कथित गड़बड़ी की खबरों ने श्रद्धालुओं के बीच भी चिंता पैदा की है। अब सभी की निगाहें चल रही जांच पर टिकी हैं। जांच पूरी होने और आधिकारिक रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दान राशि में वास्तव में कितनी गड़बड़ी हुई, इसके लिए कौन जिम्मेदार है और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।

यह भी पढ़े : पूर्व जज मार्कंडेय काटजू ने बनाई ‘इश्क करो पार्टी’, सोशल मीडिया पर छिड़ी चर्चा

यह भी पढ़े : फायरिंग मामले में खान सर को पटना कोर्ट से राहत, गिरफ्तारी पर लगी रोक

यह भी पढ़े : पीओके में बवाल: जेएएसी कार्यकर्ता की मौत के बाद भड़की हिंसा, 11 की मौत, 70 से ज्यादा घायल

यह भी पढ़े : दिल्ली में मौत का तांडव, रेस्टोरेंट में लगी भीषण आग, 21 जिंदगियां राख

यह भी पढ़े : “आंखों के सामने ढह गया पुल, साथियों की चीखें आज भी कानों में गूंज रही हैं”, हमीरपुर हादसे के बचे मजदूरों ने सुनाई खौफनाक रात की कहानी

यह भी पढ़े : यूपी में स्मार्ट मीटर पर बड़ा फैसला, उपभोक्ता खुद तय करेंगे प्रीपेड या पोस्टपेड मीटर

यह भी पढ़े : आर प्रज्ञानंद ने रचा इतिहास, नॉर्वे शतरंज टूर्नामेंट जीतने वाले पहले भारतीय बने

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button