एएनटीएफ की बड़ी कार्रवाई: 3.65 करोड़ रुपये के मादक पदार्थ के साथ चार तस्कर गिरफ्तार

लखनऊ । उत्तर प्रदेश एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए चार सक्रिय तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 3.650 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ OG/THC (हाइड्रोपोनिक बड्स) बरामद किया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 3 करोड़ 65 लाख रुपये बताई जा रही है। इसके अलावा दो लग्जरी वाहन, 4 लाख रुपये से अधिक नकदी, मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश, अपर पुलिस महानिदेशक कानून-व्यवस्था एवं अपराध शाखा के मार्गदर्शन तथा पुलिस महानिरीक्षक एएनटीएफ के निर्देशन में एएनटीएफ यूनिट कानपुर और एएनटीएफ सब यूनिट गौतमबुद्धनगर की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की। टीम ने 21 जून 2026 को थाना नॉलेज पार्क क्षेत्र में नोएडा से यमुना एक्सप्रेसवे आगरा की ओर जाने वाले कट के पास चार तस्करों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिहार के पटना निवासी प्रणय पुष्प, गोरखपुर निवासी युवराज चौधरी, शशांक शाही और रोहन चौधरी के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से 3.650 किलोग्राम OG/THC (हाइड्रोपोनिक बड्स), एक महिंद्रा थार रॉक्स, एक स्कॉर्पियो, 4,00,500 रुपये नकद, चार आईफोन, एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन, आधार कार्ड, पैन कार्ड और डेबिट कार्ड बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार बरामद मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 3.65 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस संबंध में थाना नॉलेज पार्क, कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर में एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
थाईलैंड कनेक्शन आया सामने
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी प्रणय पुष्प ने बताया कि पढ़ाई के दौरान अतिरिक्त खर्चों को पूरा करने के लिए उसने गांजा बेचने का काम शुरू किया था। इसी दौरान उसकी मुलाकात युवराज और शशांक से हुई। जांच में सामने आया कि शशांक के परिजन थाईलैंड में रहते हैं, जिसके चलते उसका वहां आना-जाना लगा रहता था। आरोपियों ने इसी नेटवर्क का इस्तेमाल कर थाईलैंड से मादक पदार्थ मंगाकर भारत में उसकी तस्करी शुरू की।
पुलिस के मुताबिक आरोपी अपने साथी रोहन चौधरी के साथ मिलकर इस अवैध कारोबार को संचालित कर रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं, जिनके आधार पर पुलिस इस गिरोह के अन्य सदस्यों और पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
आगे की जांच जारी
एएनटीएफ अधिकारियों का कहना है कि मामले में फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज पर काम किया जा रहा है। बरामद मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच कर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। पुलिस का मानना है कि यह गिरोह लंबे समय से उच्च गुणवत्ता वाले मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल था।अधिकारियों ने कहा कि प्रदेश में नशे के कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और इस तरह के संगठित अपराध में शामिल लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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