“राष्ट्रपति भवन में सम्मानित हुई देश की शान: ममूटी, अलका याज्ञनिक, रोहित शर्मा समेत 64 विभूतियों को मिला पद्म सम्मान”

नई दिल्ली । राष्ट्रपति भवन के गणतंत्र मंडप में मंगलवार को आयोजित नागरिक अलंकरण समारोह का दृश्य किसी ऐतिहासिक अवसर से कम नहीं था। देश की कला, साहित्य, खेल, विज्ञान, सामाजिक सेवा और सार्वजनिक जीवन में असाधारण योगदान देने वाली 64 विभूतियों को पद्म सम्मान से अलंकृत किया गया। इस गरिमामय समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने स्वयं सभी सम्मानित हस्तियों को पुरस्कार प्रदान किए, जबकि उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और कई केंद्रीय मंत्री भी मौजूद रहे।
समारोह के दूसरे चरण में दो पद्म विभूषण, सात पद्म भूषण और 55 पद्म श्री पुरस्कार प्रदान किए गए। मंच पर जब एक-एक कर नाम पुकारे जा रहे थे, तो सम्मानित हस्तियों के चेहरे पर गर्व और भावुकता दोनों साफ झलक रहे थे। यह वह क्षण था जब वर्षों की मेहनत, समर्पण और संघर्ष को देश के सर्वोच्च सम्मान के रूप में मान्यता मिली।
भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता ममूटी को उनके लंबे और शानदार फिल्मी योगदान के लिए पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। इस दौरान दर्शक दीर्घा में मौजूद उनके पुत्र दुलकर सलमान ने भावुक होकर अपने पिता को यह सम्मान लेते देखा। संगीत जगत की प्रसिद्ध गायिका अलका याज्ञनिक को भी पद्म भूषण से सम्मानित किया गया, जिन्होंने दशकों से अपनी आवाज़ से भारतीय संगीत को नई पहचान दी है।
खेल जगत में भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार खिलाड़ी रोहित शर्मा को पद्म श्री सम्मान प्रदान किया गया। उनकी उपलब्धियों ने भारतीय क्रिकेट को वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। इसी तरह अभिनेता आर. माधवन को भी भारतीय सिनेमा में उनके बहुमूल्य योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
पूर्व मुख्यमंत्री एवं आदिवासी नेता शिबू सोरेन (मरणोपरांत) को पद्म भूषण से सम्मानित किया गया, जिसे उनके परिजनों ने ग्रहण किया। समारोह में कई अन्य प्रतिष्ठित व्यक्तियों को भी उनके-अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया, जिनमें वैज्ञानिक, कलाकार, शिक्षक, समाजसेवी, शिल्पकार और प्रशासनिक सेवाओं से जुड़े लोग शामिल रहे।
पद्म श्री सम्मान प्राप्त करने वालों की सूची में भी विविधता देखने को मिली। इसमें भारतीय महिला हॉकी टीम की पूर्व कप्तान सविता पूनिया, शास्त्रीय संगीतकार, लोक कलाकार, वैज्ञानिक, तकनीकी विशेषज्ञ, पर्यावरण संरक्षक और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल रहे। कई क्षेत्रों में काम करने वाली ऐसी हस्तियों को भी सम्मान मिला, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद समाज में बड़ा बदलाव लाने का कार्य किया।
समारोह में उन विभूतियों को भी सम्मानित किया गया जिन्हें मरणोपरांत पद्म श्री प्रदान किया गया। इनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद कबीन्द्र पुरकायस्थ, अभिनेता सतीश शाह, कुश्ती प्रशिक्षक व्लादिमीर मेरिस्तवरीश्विली, कृषि विशेषज्ञ रघुपत सिंह और संथाली साहित्यकार रबीरलाल टुडू शामिल रहे। इनके परिजनों ने मंच पर आकर सम्मान ग्रहण किया, जो क्षण बेहद भावुक था।
सरकार ने इस वर्ष कुल 131 पद्म पुरस्कारों को मंजूरी दी है, जिनमें 5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री शामिल हैं। यह सम्मान देश की उस विविध प्रतिभा का प्रतीक है जो विभिन्न क्षेत्रों में भारत की पहचान को मजबूत बना रही है।समारोह के अंत में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सभी सम्मानितों को बधाई देते हुए कहा कि उनका योगदान देश की आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। यह आयोजन न केवल सम्मान का क्षण था, बल्कि भारत की सांस्कृतिक, सामाजिक और बौद्धिक शक्ति का भव्य प्रदर्शन भी साबित हुआ।
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