फिरोजाबाद। डेढ़ साल की उम्र में कोई बच्चा दुनिया को ठीक से पहचान भी नहीं पाता। उसकी दुनिया मां की गोद, खिलौनों की मुस्कान और परिवार के प्यार तक सीमित होती है। लेकिन फिरोजाबाद के शिकोहाबाद में डेढ़ वर्षीय आरव की जिंदगी एक ऐसी दरिंदगी का शिकार हो गई, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है।
जुनूनी सोच के चलते उस मासूम को निशाना बना लिया
एक सिरफिरे युवक ने अपनी विकृत मानसिकता और जुनूनी सोच के चलते उस मासूम को निशाना बना लिया, जिसे शायद यह भी नहीं पता था कि उसके साथ क्या होने वाला है। रिश्तों की आड़ में घर आने-जाने वाले युवक ने न केवल एक बच्चे की हत्या की, बल्कि एक मां की दुनिया उजाड़ दी और पूरे परिवार को जिंदगी भर का दर्द दे गया।
जिसने गोद में खिलाया, उसी ने छीन ली जिंदगी
शनिवार दोपहर शिकोहाबाद की यादव कॉलोनी की एक गली में जो कुछ हुआ, उसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। आरोपी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक मासूम आरव को गोद में लेकर घर से बाहर निकला। परिवार को शायद यह अंदाजा भी नहीं था कि जिस व्यक्ति पर उन्होंने भरोसा किया, वही उनके घर का चिराग बुझाने जा रहा है।
जब तक दम नहीं तो़ड़ दिया जब तक सड़क पर पटकता रहा
गली सुनसान थी। कुछ ही सेकंड बाद आरोपी के सिर पर ऐसा जुनून सवार हुआ कि उसने मासूम को जमीन पर पटक दिया। दर्द से कराहते बच्चे पर भी उसका दिल नहीं पसीजा। वह बार-बार उसे उठाता और सड़क पर पटकता रहा। कुछ ही क्षणों में एक मासूम जिंदगी हमेशा के लिए खामोश हो गई।
CCTV ने खोल दी हैवानियत की पूरी कहानी
घटना के बाद जब पुलिस ने आसपास लगे कैमरों की फुटेज देखी तो हर कोई स्तब्ध रह गया। फुटेज में साफ दिखाई दिया कि आरोपी बच्चे को गोद में लेकर आया और फिर बेरहमी से उसे सड़क पर पटकता रहा।
वीडियो देखने वाले पुलिसकर्मी तक भावुक हो गए। स्थानीय लोगों की आंखों से आंसू निकल पड़े। किसी को यकीन नहीं हो रहा था कि एक व्यक्ति इतनी क्रूरता के साथ एक मासूम को निशाना बना सकता है।
मां के इनकार ने जन्म दिया खौफनाक साजिश को
पुलिस जांच में जो कहानी सामने आई, वह और भी दर्दनाक है। आरव की मां रति देवी की शादी वर्ष 2024 में बदायूं निवासी सुमित कुमार से हुई थी। पारिवारिक विवाद और कथित प्रताड़ना के कारण वह पिछले कई महीनों से अपने मायके में रह रही थीं।
पहले परिवार का विश्वास जीता और फिर शादी का प्रस्ताव रखा
इसी दौरान पति के रिश्तेदार विराज उर्फ जितेंद्र का परिवार में आना-जाना बढ़ा। उसने पहले परिवार का विश्वास जीता और फिर रति के सामने शादी का प्रस्ताव रख दिया। लेकिन रति ने यह प्रस्ताव ठुकरा दिया।पुलिस के अनुसार आरोपी को लगने लगा कि महिला अपने बेटे आरव की वजह से दूसरा विवाह नहीं करना चाहती। इसी सोच ने उसके भीतर बदले और जुनून की ऐसी आग पैदा कर दी, जिसने उसे एक मासूम का हत्यारा बना दिया।
मां की गोद सूनी, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
आरव की मौत के बाद घर में मातम पसरा हुआ है। मां रति देवी बार-बार अपने बेटे को याद कर बेसुध हो जा रही हैं। नानी पिंकी देवी की आंखों से आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे।परिवार का कहना है कि उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि रिश्तेदारी की आड़ में कोई व्यक्ति इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकता है। जिस बच्चे की किलकारियों से घर गूंजता था, आज उसी घर में सन्नाटा पसरा हुआ है।
मुठभेड़ में गिरफ्तार हुआ आरोपी
घटना के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश में कई टीमें लगाईं। देर शाम सूचना मिलने पर पुलिस ने आरोपी की घेराबंदी की। गिरफ्तारी से बचने के प्रयास के दौरान हुई मुठभेड़ में आरोपी घायल हो गया और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के खिलाफ हत्या समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की गहन जांच की जा रही है।
एक सवाल जो समाज से जवाब मांगता है
आरव अब इस दुनिया में नहीं है। उसकी मासूम मुस्कान, खिलखिलाहट और नन्हे कदम हमेशा के लिए थम चुके हैं। लेकिन उसकी मौत कई सवाल छोड़ गई है। क्या किसी व्यक्ति का जुनून इतना खतरनाक हो सकता है कि वह एक मासूम बच्चे की जान ले ले? क्या रिश्तों और भरोसे की आड़ में छिपी ऐसी मानसिकता को समय रहते पहचान पाना संभव है?
डेढ़ साल का आरव अब लौटकर नहीं आएगा
फिलहाल शिकोहाबाद का यह परिवार अपने नन्हे आरव को खोने के दर्द से गुजर रहा है। वहीं पूरे प्रदेश की नजर इस बात पर है कि इस जघन्य अपराध के आरोपी को कानून कितनी सख्त सजा दिला पाता है।डेढ़ साल का आरव अब लौटकर नहीं आएगा, लेकिन उसकी दर्दनाक मौत लंबे समय तक लोगों के दिलों और स्मृतियों में एक ऐसे जख्म की तरह दर्ज रहेगी, जिसे भुला पाना आसान नहीं होगा।
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