नई दिल्ली । नई दिल्ली में केंद्र सरकार आज संसद के विशेष सत्र के दौरान देश की राजनीतिक व्यवस्था में बड़े बदलाव से जुड़े तीन महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने जा रही है। इन विधेयकों का उद्देश्य महिला आरक्षण को लागू करना और निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन (Delimitation) की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है।

कौन-कौन से विधेयक होंगे पेश

सरकार जिन तीन विधेयकों को पेश करेगी, उनमें प्रमुख रूप से—संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026,परिसीमन विधेयक, 2026 केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 शामिल हैं।इनमें सबसे अहम संविधान संशोधन विधेयक है, जिसका उद्देश्य लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने का रास्ता तैयार करना है।

महिला आरक्षण लागू करने की तैयारी

सरकार का लक्ष्य नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 को जल्द लागू करना है। इसके तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने का प्रावधान है।प्रस्तावित विधेयकों के अनुसार यह आरक्षण 2029 के लोकसभा चुनाव से प्रभावी रूप से लागू किया जा सकता है, जिसके लिए परिसीमन प्रक्रिया को पूरा करना जरूरी होगा।

परिसीमन को लेकर बढ़ सकती है राजनीतिक टकराव

लोकसभा और राज्य विधानसभाओं की सीटों में बढ़ोतरी के प्रस्ताव को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव की संभावना जताई जा रही है।दक्षिण भारत के कुछ राज्यों को आशंका है कि जनसंख्या नियंत्रण में बेहतर प्रदर्शन के कारण नए परिसीमन में उनकी सीटें कम हो सकती हैं।

राज्य की मौजूदा सीटें कम नहीं होंगी

हालांकि केंद्र सरकार ने इन आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा है कि—सभी राज्यों में सीटों की संख्या में समान रूप से लगभग 50% तक बढ़ोतरी की जाएगी,किसी भी राज्य की मौजूदा सीटें कम नहीं होंगी

लोकसभा सीटों की अधिकतम संख्या 850 तक निर्धारित की जा सकती है।

क्यों जरूरी है नया परिसीमन

सरकार का कहना है कि 1976 के बाद से लोकसभा सीटों में कोई बदलाव नहीं हुआ है, जबकि देश की जनसंख्या में काफी वृद्धि हो चुकी है। ऐसे में नया परिसीमन समय की जरूरत बन गया है।यह प्रक्रिया आखिरी प्रकाशित जनगणना (2011) के आधार पर की जाएगी और इसके लिए प्रत्येक राज्य में परिसीमन आयोग गठित किया जाएगा, जो सभी राजनीतिक दलों से चर्चा के बाद अंतिम सीटों का निर्धारण करेगा।

संसद में आगे की प्रक्रिया

आज लोकसभा में इन विधेयकों पर करीब 18 घंटे चर्चा प्रस्तावित है।

17 अप्रैल को मतदान के जरिए प्रक्रिया पूरी होगी

इसके बाद 18 अप्रैल को विधेयक राज्यसभा में पेश किए जाएंगे, जहां करीब 10 घंटे चर्चा के बाद मतदान होगा

वर्तमान में लोकसभा में 543 सीटें हैं, जिनमें बदलाव की संभावना इस विधेयक के बाद बन सकती है।

राजनीतिक बहस तेज होने के आसार

महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े ये विधेयक देश की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। जहां एक ओर महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है, वहीं सीटों के पुनर्गठन को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने के आसार हैं।

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