लखनऊ । Economic Offences Wing Uttar Pradesh (ईओडब्ल्यू) लखनऊ ने करोड़ों रुपये के सरकारी गबन मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।यह पूरा मामला Budaun जनपद के दातागंज उप-कोषागार से जुड़ा है, जहां स्टाम्प शुल्क की 5,08,98,110 रुपये की भारी-भरकम धनराशि राजकीय कोष में जमा करने के बजाय गबन कर ली गई थी। इस मामले में वर्ष 2019 में थाना दातागंज पर मुकदमा दर्ज हुआ था, जिसकी गंभीरता को देखते हुए जांच ईओडब्ल्यू को सौंप दी गई थी।

राजेश सगर, जो उस समय उप-लेखाकार के पद पर कार्यरत था

विवेचना के दौरान यह सामने आया कि उप-कोषागार में तैनात तत्कालीन अधिकारियों और कर्मचारियों ने सुनियोजित तरीके से सरकारी धन का दुरुपयोग करते हुए करोड़ों रुपये का गबन किया। जांच में आरोपी राजेश सगर, जो उस समय उप-लेखाकार के पद पर कार्यरत था, मुख्य रूप से दोषी पाया गया।

न्यायालय में पेश कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही

गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी लगातार फरार चल रहा था और अपनी लोकेशन बदलता रहता था। हालांकि, ईओडब्ल्यू टीम ने लगातार निगरानी और सूचना तंत्र के जरिए 29 मार्च 2026 को थाना सिविल लाइंस क्षेत्र, बदायूं से उसे गिरफ्तार कर लिया।पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र, जालसाजी, सरकारी धन के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है। गिरफ्तारी के बाद अब उसे न्यायालय में पेश कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

क्या है खास:

  • 5 करोड़ से ज्यादा का सरकारी गबन
  • 2019 से दर्ज था मामला
  • लंबे समय से फरार चल रहा था आरोपी
  • ईओडब्ल्यू की सटीक रणनीति से हुई गिरफ्तारी

निष्कर्ष


ईओडब्ल्यू की इस बड़ी कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि आर्थिक अपराध करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। सरकारी धन के गबन जैसे मामलों में अब शिकंजा लगातार कसता जा रहा है।

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