एसएमयूपीन्यूज, लखनऊ । उत्तर प्रदेश पुलिस में महिलाओं की ताकत लगातार बढ़ रही है और यह आंकड़ा अब देश में सबसे अधिक होने वाला है। वर्ष 2017 में प्रदेश पुलिस में करीब 10,000 महिला पुलिसकर्मी थीं, जो अब बढ़कर 44,000 हो गई हैं।
जल्द ही आने वाली भर्ती में भी महिलाओं का दबदबा
इस वर्ष 32,679 सिपाहियों की सीधी भर्ती में लगभग 4,500 महिलाएं सिपाही पद पर चुनी जाएंगी।करीब 1,000 महिलाओं का चयन उपनिरीक्षक पदों पर होगा।इस वर्ष के अंत तक प्रदेश पुलिस में कुल महिला कर्मियों की संख्या 50,000 से अधिक होने की संभावना है।बीते वर्ष 60,244 सिपाहियों की भर्ती में भी 12,000 से अधिक महिलाओं ने सफलता पाई थी।
सीधी भर्ती में पदों का विवरण
नागरिक पुलिस में 2,000+ और पीएसी में 2,282 महिला सिपाहियों की भर्ती होगी।
उपनिरीक्षक पदों पर 850 नागरिक पुलिस और 108 पीएसी महिला वाहिनी प्लाटून कमांडर की भर्ती।
महिला जेल वार्डर के 108 पदों पर भी भर्ती प्रक्रिया चल रही है।
होमगार्ड में 42,000 पदों पर भर्ती में महिलाओं को 20% हिस्सेदारी मिलेगी।
महिला पुलिस की तुलना: देशभर में स्थिति
यदि राज्यों की महिला पुलिस हिस्सेदारी की बात करें तो लद्दाख पहले स्थान पर है (28.3%), इसके बाद आंध्र प्रदेश (21.7%), चंडीगढ़ (21.6%) और बिहार (21.2%) हैं।वहीं सबसे कम हिस्सेदारी वाले राज्यों में जम्मू-कश्मीर (3.2%), त्रिपुरा (5.29%) और मेघालय (5.9%) शामिल हैं।उत्तर प्रदेश पुलिस में महिलाओं की बढ़ती हिस्सेदारी यह साबित करती है कि अब पुलिस बल में महिला शक्ति के कदम मजबूत हो रहे हैं और आने वाले समय में यह देश में सबसे बड़ी महिला पुलिस ताकत के रूप में उभरने वाली है।
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