एसएमयूपीन्यूज, लखनऊ । उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए यह गौरवपूर्ण क्षण है जब उसकी तीन अहम इकाइयों को वर्ष 2025 का प्रतिष्ठित स्कॉच अवॉर्ड प्रदान किया गया। मंगलवार, 20 जनवरी 2026 को यह सम्मान पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश श्री राजीव कृष्ण को औपचारिक रूप से सौंपा गया। यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा अपनाई जा रही आधुनिक, तकनीक-सक्षम और जन-केंद्रित पुलिसिंग व्यवस्था की राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत पहचान है।
सोशल मीडिया सेंटर की अभिनव पहल
स्कॉच अवॉर्ड प्राप्त करने वाली तीनों इकाइयों में उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड, महाकुम्भ 2025 के लिए स्थापित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) और सोशल मीडिया सेंटर की अभिनव पहल “Meta Suicidal Alert” शामिल हैं। इन तीनों परियोजनाओं को पारदर्शिता, तकनीकी नवाचार और जनहित में प्रभावी कार्यप्रणाली के लिए चुना गया।
भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड को पारदर्शी भर्ती के लिए सम्मान
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड को प्राप्त स्कॉच अवॉर्ड पुलिस महानिदेशक (भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड) एस.बी. शिरोडकर ने अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में डीजीपी को प्रस्तुत किया। यह सम्मान बोर्ड द्वारा लागू की गई पारदर्शी, निष्पक्ष और तकनीक आधारित भर्ती प्रक्रिया के लिए दिया गया है, जिसने लाखों युवाओं का भरोसा कायम किया और पुलिस भर्ती व्यवस्था में भ्रष्टाचार मुक्त मॉडल स्थापित किया।
महाकुम्भ 2025 के ICCC को मिला तकनीकी उत्कृष्टता का पुरस्कार
महाकुम्भ 2025 के दौरान स्थापित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) को मिला स्कॉच अवॉर्ड 35वीं वाहिनी पीएसी, लखनऊ के सेनानायक अमित कुमार द्वारा प्रस्तुत किया गया। यह सेंटर विश्व के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक महाकुम्भ के दौरान सुरक्षा, निगरानी, भीड़ प्रबंधन और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय के लिए अत्याधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग का सशक्त उदाहरण बना।

‘Meta Suicidal Alert’ को नवाचार के लिए राष्ट्रीय पहचान
उत्तर प्रदेश पुलिस के सोशल मीडिया सेंटर द्वारा संचालित “Meta Suicidal Alert” परियोजना को भी स्कॉच अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। यह अवॉर्ड पुलिस महानिदेशक के जनसंपर्क अधिकारी एवं प्रभारी सोशल मीडिया राहुल श्रीवास्तव द्वारा डीजीपी को सौंपा गया। यह पहल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से आत्मघाती प्रवृत्तियों से जुड़े संकेतों की त्वरित पहचान, निगरानी और समयबद्ध पुलिस प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए शुरू की गई थी, जिसे एक अभिनव और संवेदनशील पुलिसिंग मॉडल के रूप में सराहा गया।
डीजीपी बोले—टीमवर्क और नवाचार का परिणाम है यह सम्मान
स्कॉच अवॉर्ड ग्रहण करते हुए पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने कहा कि यह सम्मान उत्तर प्रदेश पुलिस की आधुनिक सोच, तकनीकी दक्षता और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के सामूहिक परिश्रम, टीम भावना और नवाचार के प्रति समर्पण का परिणाम है।डीजीपी ने सम्मानित सभी इकाइयों और अधिकारियों को बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी उत्तर प्रदेश पुलिस कानून-व्यवस्था, जनसेवा और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करती रहेगी।
राष्ट्रीय स्तर पर यूपी पुलिस की साख और मजबूत
तीन प्रतिष्ठित स्कॉच अवॉर्ड का मिलना न सिर्फ उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यकुशलता और पारदर्शिता को दर्शाता है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर उसकी प्रतिष्ठा को भी और अधिक सुदृढ़ करता है। यह उपलब्धि स्पष्ट संकेत है कि उत्तर प्रदेश पुलिस आधुनिक पुलिसिंग की दिशा में निरंतर अग्रसर है और जनहित को सर्वोपरि रखते हुए तकनीक को अपनी सबसे बड़ी ताकत बना रही है।
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