लखनऊ/अागरा । सड़क हादसों ने जिले में भयावह रूप ले लिया है। 2025 में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या 1456 तक पहुंच गई, जिसमें 748 लोगों की मौत हुई – ये आंकड़े पिछले साल की तुलना में डरावना इशारा कर रहे हैं।जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने बुधवार को जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक बुलाकर इस संकट को रोकने के लिए कड़ा संदेश दिया।

जिले में 44 ब्लैक स्पॉट चिन्हित

बैठक में बताया गया कि जिले में 44 ब्लैक स्पॉट चिन्हित हैं, जहां हर रोज़ लोगों की जान खतरे में है।पुलिस ने बिना हेलमेट और सीटबेल्ट पर लाखों चालान काटे, जबकि परिवहन विभाग ने 136 लाइसेंस रद्द किए और 371 निलंबन की प्रक्रिया में हैं। डीएम ने 41 ब्लैक स्पॉट पर तुरंत सुधार कार्य शुरू करने के निर्देश दिए।

जागरूकता केवल शपथ तक सीमित नहीं रहेगी : डीएम

जिलाधिकारी ने युवाओं की भागीदारी पर जोर देते हुए कहा कि 29 रोड सेफ्टी क्लबों को सक्रिय किया जाएगा और छात्र-छात्राओं को सड़क सुरक्षा मित्र बनाया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि जागरूकता केवल शपथ तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि ऑनलाइन और ऑफलाइन प्रशिक्षण सत्रों के माध्यम से इसे जमीन पर लागू किया जाएगा।डीएम का स्पष्ट संदेश है – अब सड़कें सिर्फ नियमों से नहीं, बल्कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी और सख्त प्रशासनिक कार्रवाई से सुरक्षित होंगी।

यह भी पढ़े : डीजीपी राजीव कृष्ण की हाईलेवल मीटिंग, अपराध पर सख्ती और पुलिस सुधारों का रोडमैप तय

यह भी पढ़े : छत पर खून का तांडव, मां-पत्नी की बेरहमी से हत्या, गांव वालों के सामने फेंकता रहा मांस के टुकड़े

यह भी पढ़े : प्रदेश अध्यक्ष के स्वागत से बढ़ी सियासी हलचल, कटियार की दावेदारी ने बढ़ाया नेतृत्व का धर्मसंकट

यह भी पढ़े : यूपी पुलिस भर्ती 2025: होमगार्ड अभ्यर्थियों को आयु सीमा में 3 वर्ष की छूट

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *